प्रशासन बना मूकदर्शक प्रशासन से नही मिल रहा कोई सहयोग
ग्रामीण अपना जान जोखिम में डाल नहर में ढूंढ रहे है नाबालिक युवक का शव
अंबेडकरनगर ब्यूरो चीफ मुकेश मिश्र
अंबेडकरनगर – ज्ञात हो की शारदा सहायक नहर में नाबालिग युवक का शव दो दिन बीत जाने के बाद भी बरामद नहीं हो सका। वहीं प्रशासन पूरी तरीके से अपना हाथ खड़ा कर लिया है । युवक की शव को नहर में खोजबीन के लिए बुधवार को ही गोताखोर आए थे लेकिन सफलता नहीं मिलने पर वापस चले गए थे। तब से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय प्रशासन भी इस मामले से कोसों दूर नजर आ रही है। घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला अधिकारियों तक होने के बाद भी न तो कोई अधिकारी और न ही स्थानीय प्रशासन घटनास्थल पर नजर आ रहा है। परिजन व ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नहर के अंदर गहरे पानी में 2 दिन से शव की खोजबीन शारदा सहायक नहर में कर रहे हैं। लेकिन शव का कोई पता नहीं चल रहा है। जिस तरीके से स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन के द्वारा निरंकुशता दिखाई जा रही है।
इससे परिजन समेत आसपास के ग्रामीणों में काफी रोष देखा जा रहा है। वही नहर विभाग की भी लापरवाही सामने आई है। जिसके द्वारा अभी तक नहर के पानी को बंद नहीं किया गया है। दिन प्रतिदिन नहर में पानी का रफ्तार बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। जबकि नहर विभाग के कर्मचारियों को भी इस मामले में पूरी जानकारी है तथा उनको सूचित भी किया गया है। लेकिन सभी निरंकुश नजर आ रहे हैं। बताया जाता है भीटी थाना क्षेत्र अंतर्गत दिलावलपुर निवासी फूलचंद पुत्र मुकेश 17 वर्ष अपने बहन के ससुराल चांदपुर महमूदपुर गांव में घूमने गया था।मामला अहिरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुलीगंज नहर में अपने साथियो के साथ बुधवार को अपराहन 11:00 बजे नहाने गया था अचानक गहरे पानी में चले जाने की वजह से डूब गया था। नहर में डूबने की जानकारी ग्रामीणों को होने पर घटनास्थल पहुंचकर ग्रामीणों ने काफी खोजबीन की और 112 नंबर डायल कर पुलिस को बुलाया पुलिस आई और चली गई बच्चे की खोज बीन करने के लिए कोई जहमत नहीं उठाई जिससे ग्रामीणों ने स्वयं बच्चे की काफी खोजबीन की लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार को भी परिजन व ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नहर के अंदर गहरे पानी में शव की खोजबीन कर रहे हैं लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो युवक का शव बरामद नही हुआ था और ना ही स्थानीय प्रशासन घटनास्थल पर मौजूद थी।जिला प्रशासन से कोई मदद ना मिलने पर परिजनों ने मीडिया से मदद की गुहार लगाई है।