ब्यूरो रिपोर्ट राकेश पाण्डेय IBN NEWS गाजीपुर
गाजीपुर। जनपद के हथियाराम मढ मे नवरात्रि मे नौ दिन यज्ञ कर विश्व कल्याण की कामना का संदेश देकर पूर्णाहुती के दिन लोगों की भीड जुटाने मे तत्पर रही पूरी टीम आखिर केशव मौर्या के ना आने से क्यो भडकी ढिढोरा पीटने वाले सभी लोग जग व समाज के भले के लिए धार्मिक चादर ओढ़ कर खडे थे लेकिन बुढिया माई का आशीर्वाद लेने के बजाय केशव मौर्या को निशाना क्यो बनाने लगे यह जिले मे चर्चा का विषय है.
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का सिद्धपीठ हथियाराम मठ में कार्यक्रम तय होने बावजूद ऐन वक्त पर कतिपय कारणों से न आने की सूचना से पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति जी महाराज ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सीएम और पीएम आते-जाते रहते हैं। यह सब कुछ जनता के संज्ञान में रहना चाहिए। जनता भली भांति यह जानती है कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने सिद्धपीठ के लिए क्या-क्या किया और क्या नहीं किया। इसको आप डायरी में नोट कर रखिएगा।
डिप्टी सीएम द्वारा ऐन वक्त पर न आने की सूचना देना सिद्धपीठ का अपमान है। इसका परिणाम कुछ दिनों में आपको देखने को मिलेगा। सिद्धपीठ के कार्यक्रम को अपमानित करने का प्रतिफल अवश्य मिलेगा। उधर डिप्टी सीएम के न आने से मठ से जुड़े शिष्य श्रद्धालु भी आहत दिखे। उनका कहना था कि यह कोई राजनीतिक नहीं, धार्मिक कार्यक्रम था।
ऐसे कार्यक्रम को ऐन वक्त पर निरस्त करना निंदनीय है। भाजपा कार्यकर्ता भी उपमुख्यमंत्री के न आने पर देर शाम तक कोसते नजर आए। जिले के सैकड़ों लोगों के साथ ही अन्य जनपदों से भी बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता यहां पहुंचे पहुंचे थे। सारी सरकारी व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई थी, जो धरी की धरी रह गई।
गौरतलब है कि विजयादशमी के दिन 15 अक्तूबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का सिद्धपीठ हथियाराम में कार्यक्रम आयोजित था। यहां पर प्रशासन द्वारा हेलीपैड बनवाने के साथ ही अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर उनके कार्यक्रम स्थगन की सूचना आई।