सभी मोर्चा द्वारा कालादिवस कार्यक्रम पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा ।
किसान मोर्चा द्वारा वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत की जायेगी।
जालोर , मनीष दवे :– भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर भाई साहब आज जालोर जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे भाजपा जालोर के संगठनात्मक कार्यो के सम्बन्धित समस्त कार्यो की जानकारी प्राप्त करेंगे तथा वर्तमान में मण्डल स्तर पर आयोजित हो रहे सेवा ही संगठन अभियान कार्यक्रम को लेकर जिला संयोजको की बैठक लेंगे।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं रानिवाडा़ विधायक नारायणसिंह देवल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रामकुमार भूतडा़, सांसद देवजी भाई पटेल, जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली, जिला प्रभारी घनश्याम डागा, जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग, आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहि, भीनमाल विधायक पुराराम चैधरी, जिला प्रमुख राजेश राणा, पुर्व विधायक आहोर शंकरसिंह राजपुरोहित, सांचोर पुर्व विधायक जीवाराम चैधरी, जालोर पुर्व विधायक अमृतादेवी मेघवाल, भाजपा नेता दानाराम चैधरी, पुर्व जिलाध्यक्ष रविन्द्रसिंह बालावत, गेनाराम मेघवाल एवं अमीचन्द जैन, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वन्नेसिंह गोहिल व सांवलाराम देवासी भीनमाल, जालोर सभापति गोविन्द टांक, उपजिला प्रमुख पेंपी देवी, जिला पदाधिकारी, सभी मोर्चो के जिलाध्यक्ष , प्रधान, 26 मण्डल अध्यक्ष, 26 मण्डल के प्रभारी, सेवा ही संगठन कार्यक्रम के जिला संयोजक उपस्थित रहेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली ने कहा की संगठन महामंत्री भाईसाहब का जालोर आगमन पर भव्य स्वागत किया जायेगा तथा संगठनात्मक कार्यो के संबंधित समस्त कार्यो की जानकारी प्राप्त करेंगें। इस दौरान अपेक्षित भाजपा पदाधिकारी, संयोजक, सहीत अन्य उपस्थित रहेंगे।
किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष धुंखाराम राजपुरोहित ने बताया की प्रदेश संगठन महामंत्री के जालोर आगमन पर जालोर में निर्माणाधिन भाजपा कार्यलय में वृक्षारोपण का कर जिला एवं मण्डल स्तर पर वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत कि जायेगी तथा युवा मोर्चा के साथ काला दिवस मनाया जायेगा।
भाजयुमो जालोर जिलाध्यक्ष गजेन्द्रसिंह सिसोदिया ने कहा की देश में लगाया गया आपातकाल अलोकतांत्रिकं था। 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लागू आपातकाल के विरोध में भाजपा जालोर जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रर्दशन कर काला दिवस मनायेगी। भारत में 25 जून 1975 से लेकर 21 मार्च 1977 तक आपातकाल लागू किया गया था। तब देश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले थे। आपातकाल के दूसरे दिन ही जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई समेत तमाम बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए थे। प्रेस की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।