फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय अटल कमल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर देश में अराजकता का माहौल बनाने,संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है,लेकिन प्रदर्शन के नाम पर हिंसा,अभद्र भाषा और अराजकता फैलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की राजनीति का उद्देश्य जनहित के मुद्दों का समाधान करना नहीं,बल्कि किसी भी तरह सत्ता हासिल करना रह गया है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने के नारों तक पहुंच गया। यदि विपक्ष वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित है,तो उसे समस्याओं के समाधान पर चर्चा करनी चाहिए,न कि देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों में लगातार मिल रही हार से कांग्रेस बौखला गई है।
कांग्रेस और विपक्षी दल युवाओं को गुमराह करके देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं,लेकिन उनके ये मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। देश की जनता सब कुछ देख रही है और वह अराजकता की राजनीति के बजाय विकास,सुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे रही है।“कांग्रेस के नेता हाथ में संविधान लेकर चलते हैं,लेकिन उनके आचरण से संविधान के प्रति सम्मान दिखाई नहीं देता।
देश संविधान से चलेगा,अराजकता से नहीं। लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का रास्ता जनता का जनादेश है,न कि हिंसा और अव्यवस्था। इस प्रेस वार्ता में बड़खल से विधायक धनेश अदलखा,जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग,शोभित अरोड़ा,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पदयात्रा संयोजक ओमप्रकाश रक्षवाल,जिला सचिव पुनीता झा,जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता,जिला प्रवक्ता आभाष अग्रवाल,सोशल मीडिया संयोजक राहुल रात्रा,जिला कार्यालय सचिव राज मदान सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एसआईआर पर गुर्जर ने कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हो रही है,बल्कि आजादी के बाद कई बार मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया गया है। आजादी के बाद वर्ष 1952, 1957, 1962, 1965, 1966, 1983, 1984, 1987, 1989, 1992, 1995, 2002, 2003 और 2004 में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जाता रहा है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष SIR को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा कर रहे हैं।
कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही उसके आरोपों पर सवाल खड़े करता है। ये तो उनकी अपनी पार्टी में वोट चोरी करते हैं,कांग्रेस में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को ज्यादा वोट मिली और और पंडित जवाहरलाल नेहरू को कम लेकिन इन्होने नेहरु को प्रधानमंत्री बनाया ।
2014 से पहले कैसे वोट चोरी होती थी सबको पता है,बेलेट पत्र और बूथ तक लूट लिए जाते थे,हत्या होती थी,बूथ केप्चरिंग होती थी,रिपोलिंग होती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और मतदाताओं का विश्वास मजबूत करने की दिशा में काम हुआ है।
कांग्रेस हारती है तो EVM खराब है और जहां जीतती है वहां EVM ठीक है,इनका दोहरा मापदंड है। लोकतंत्र में हार और जीत दोनों को स्वीकार करना आवश्यक है। हमारा संविधान भारत के नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। विदेशी घुसपैठिए भारत के भाग्य का फैसला नहीं करेंगे।
गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर आपत्ति होने पर संबंधित संस्थाओं और न्यायालयों के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए,न कि निर्णय आने से पहले ही संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता में अविश्वास फैलाना चाहिए।
गुर्जर ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना है,लेकिन उसके राजनीतिक मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है,जहां सत्ता का फैसला जनता के मताधिकार और जनादेश से होता है,ना कि अराजकता से। गुर्जर ने कहा कि तिरंगे के सम्मान की बातें करने वाले कांग्रेस को अपने राजनीतिक आचरण पर भी विचार करना चाहिए।
उन्होंने कभी भी कश्मीर में तिरंगे के सम्मान के लिए कुछ नहीं किया,न कभी कोई तिरंगा यात्रा निकाली,न कभी लाल चौक पर तिरंगा फहराया,जबकि मोदी जी ने 1991 में लाल चौक पर तिरंगा लहराया। देश के मजबूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 हटाकर हर बिल्डिंग पर तिरंगा फहराने का काम किया है और लाल चौक पर तो स्थायी तौर पर तिरंगा लगा दिया है।
गुर्जर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद,कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार और घाटी से विस्थापित हुए हिंदुओं एवं सिखों के मुद्दों पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि हाल ही में फारूक अब्दुल्ला के कथित भारत-विरोधी बयान पर भी कांग्रेस और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
गुर्जर ने कहा कि देश में अमन-शांति और सुरक्षा का माहौल है। नक्सलवाद और आतंकवाद ख़त्म हो गए हैं,देश आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है और भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक प्रगति कुछ देश-विरोधी एवं विदेशी ताकतों को रास नहीं आ रही है। गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर भारत की तरक्की में बाधा डालने का प्रयास कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों के आकलन में भी भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।“प्रधानमंत्री मोदी जी का संकल्प राष्ट्र प्रथम और विकसित भारत है।
अपशब्दों,विरोध और अराजकता से उनके संकल्प को कमजोर नहीं किया जा सकता,कितने भी अपशब्द बोलो मोदी को उनको लक्ष्य से भटकाया नहीं जा सकता ।कृष्णपाल गुर्जर ने बताया कि ‘लोकतंत्र बचाओ,अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत 1 नवंबर को सुबह 10 बजे एनआईटी स्थित बीके चौक से हार्डवेयर चौक तक पदयात्रा निकाली जाएगी।
इसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्रों से 20 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से पदयात्रा में शामिल होकर लोकतांत्रिक मूल्यों,संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान,राष्ट्रीय एकता और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का आह्वान किया।