मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, निर्माणाधीन गंगा घाटों का किया निरीक्षण
जनसभा में गिनाईं विकास योजनाएं, बोले—विंध्याचल मंडल में दो मेडिकल कॉलेज और दो राज्य विश्वविद्यालय संचालित
मीरजापुर, 15 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मां विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल पहुंचकर विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने विंध्याचल के पक्का घाट पर गंगा नदी के किनारे निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कालीखोह मोड़ पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगभग 10:40 बजे मोतिया झील स्थित हेलीपैड पहुंचे। यहां से वह मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचे, जहां नगर विधायक एवं तीर्थ पुरोहित रत्नाकर मिश्र ने उन्हें दर्शन-पूजन कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री पक्का घाट पहुंचे और गंगा नदी के किनारे चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए।
कॉरिडोर से धार्मिक पर्यटन को मिला बढ़ावा
कालीखोह मोड़ पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में विंध्याचल मंदिर कॉरिडोर, अयोध्या में राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया गया है। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में बड़ी सुविधा मिली है और अब वे पहले की अपेक्षा अधिक सुगमता से मां के दर्शन कर पा रहे हैं। धार्मिक स्थलों के विकास से उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज का महाकुंभ इस बात के उदाहरण हैं कि आस्था के केंद्र आर्थिक गतिविधियों को भी गति दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, परिवहन सेवाओं और अन्य कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिलता है। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ संबंधित क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।
विंध्याचल मंडल में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विंध्याचल मंडल में दो मेडिकल कॉलेज और दो राज्य विश्वविद्यालयों का संचालन शुरू होना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने जनपद और आसपास के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के संस्थानों के विस्तार से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र के विकास को गति प्राप्त होगी। मीरजापुर और सोनभद्र जैसे क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से भी लोगों को लाभ पहुंच रहा है।
साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि साढ़े नौ वर्षों में लगभग 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षित वातावरण के कारण विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री ने एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।
दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की योजना
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए संचालित योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की योजना दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने की है।
उनके अनुसार, अब तक 62 लाख युवाओं को टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को निशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है।
इसके माध्यम से नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी, राज्य लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भौतिक और ऑनलाइन, दोनों माध्यमों से लाभ उठा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की प्रतिभा और क्षमता पर विश्वास करती है तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
15 लाख शिक्षकों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्ववित्तपोषित संस्थानों सहित लगभग 15 लाख शिक्षकों को उनके परिवार के साथ प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की व्यवस्था की है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। किसी घटना या दुर्घटना की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शिक्षण संस्थानों के कायाकल्प पर भी ध्यान दे रही है।
अयोध्या, काशी और विंध्याचल के विकास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता था, जबकि अब भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार, बिजली व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार की विभिन्न योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित कर लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी किया गया है।
उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में आगे : नंदी
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहचान में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि सुशासन, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और एक जनपद, एक उत्पाद योजना प्रदेश की पहचान बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड से पश्चिमांचल और अवध से पूर्वांचल तक विभिन्न जनपदों और गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की उपलब्धि : आशीष पटेल
प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है और परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के साथ नियुक्तियां भी दी जा रही हैं।
उन्होंने पुलिस और होमगार्ड भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के समापन पर काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री विद्याधर तिवारी ने मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यमंत्री समाज कल्याण संजीव गौड़, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, विधान परिषद सदस्य श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह, चुनार विधायक अनुराग सिंह, मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्य, अपना दल एस के जिलाध्यक्ष इंजीनियर रामलौटन बिंद, छानबे विधायक रिंकी कोल, रॉबर्ट्सगंज विधायक भूपेश चौबे, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, नगर पालिका परिषद मीरजापुर के अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी, पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री राम कुमार विश्वकर्मा, नितिन विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मंदिर में दर्शन-पूजन और घाटों के निरीक्षण के दौरान अपर महानिदेशक नवीन अरोड़ा, मंडलायुक्त राजेश प्रकाश, उप पुलिस महानिरीक्षक पूनम, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व विजेता और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।