Ibn news Team DEORIA
दिनेश गुप्ता

देवरिया । आजकल हर रिश्ते में कड़वाहट आ जा रही है, पति–पत्नी के रिश्ते में इस कदर कड़वाहट आ रही है कि उनके रिश्ते की कड़वाहट का जहर समाज के साथ–साथ परिवार न्यायालय तक पहुंच जा रहा है। सात जन्मों तक साथ निभाने की कसम खाने वाले दोनों पति पत्नी परिवार न्यायालय में रिश्ते को खत्म करने का वैवाहिक वाद दाखिल कर दे रहे हैं।
वही परिवार न्यायालय में नियुक्त परामर्शदाता रवि प्रकाश मणि, चंदा राव व उदय सिंह सेंगर के कानूनी परामर्श, सुलह समझौता और भावनात्मक प्रयास से बर्बाद होती हुई पति– पत्नी की कई ज़िंदगियां आबाद हो रही है।
इसी क्रम में परिवार न्यायालय में दाखिल वैवाहिक वाद संख्या 199/2026, अंतर्गत धारा –13(1) हि.वि.अधि. थाना कोतवाली, जनपद देवरिया, संतोष कुशवाहा बनाम रीना कुशवाहा मामले में ब्रजेश मणि त्रिपाठी, प्रधान न्यायधीश के पहल और परामर्शदाता रवि प्रकाश मणि, चंदा राव व उदय प्रताप सेंगर के प्रयास से आपसी सुलह– समझौता और भावात्मक जुड़ाव से संतोष व रीना दोनों आपसी रजामंदी से वैवाहिक जीवन को साथ रहकर जीने के लिए राजी हुए। दोनों पति– पत्नी ने कहा कि हम लोगों में अब कोई विवाद नहीं है। हम दोनों अब हंसी खुशी से पति –पत्नी के तरह रहकर अपने वैवाहिक जीवन को खुशी के साथ जियेंगे।
परिवार न्यायालय के इस पहल की चर्चा चहुंओर हो रही है।