पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, जनता की बढ़ी चिंता
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन कीमतों में इजाफा लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
नई कीमतों के बाद कई बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जबकि डीजल भी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है।
आज के पेट्रोल-डीजल के नए रेट
दिल्ली
- पेट्रोल: ₹102.14 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.87 प्रति लीटर
मुंबई
- पेट्रोल: ₹111.35 प्रति लीटर
- डीजल: ₹102.16 प्रति लीटर
कोलकाता
- पेट्रोल: ₹106.42 प्रति लीटर
- डीजल: ₹97.89 प्रति लीटर
चेन्नई
- पेट्रोल: ₹104.87 प्रति लीटर
- डीजल: ₹96.52 प्रति लीटर
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी इसका मुख्य कारण है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी ईंधन कीमतों को प्रभावित कर रही है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सिर्फ वाहन चालकों पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे बाजार पर दिखाई देता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि अगर ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो मालभाड़ा और बस किराया बढ़ाना पड़ सकता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और इजाफा हो सकता है। हालांकि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सोशल media पर भी लोगों की नाराजगी देखने को मिली। कई यूजर्स ने बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने टैक्स कम करने की मांग की।
निष्कर्ष
लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत नहीं मिली तो महंगाई और बढ़ सकती है। फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द राहत देने के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकती है।