मीरजापुर ब्यूरो
मीरजापुर। अहरौरा चौक बाजार स्थित भगवती प्रसाद की दुकान के पास शनिवार की रात सात बजे भरत मिलाप की ऐतिहासिक लीला का मंचन हुआ। चौदह वर्षों के वनवास के उपरांत जब श्रीराम अयोध्या लौटे और भ्राता भरत से मिले तो पूरा वातावरण राम के जयकारों से गूंज उठा। भावनाओं से भरे इस दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
लीला का भावुक प्रसंग
रामलीला मंचन के दौरान जब भरतजी राम के वियोग में विलाप कर रहे थे, तभी हनुमानजी अयोध्या वापसी का संदेश लेकर पहुंचे। कुछ ही देर में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न मंच पर एक-दूसरे से गले मिले। भाइयों के स्नेह और प्रेम का यह दृश्य देखकर दर्शक भाव-विह्वल हो उठे।
पुष्पवर्षा से गूंजा बाजार
जब चारों भाइयों का मिलन हुआ तो घरों की छतों और बरामदों पर खड़ी महिलाओं ने पुष्पवर्षा की। पूरा बाजार और चौक जयकारों और उल्लास से सराबोर हो गया।
धार्मिक श्लोकों के बीच भक्ति का भाव
बाल रामलीला समिति के अध्यक्ष कुमार आनंद ने मंचन के दौरान श्लोक उद्धृत किया –
“सकल द्विजन्ह मिलि नायउ माथा। धर्म धुरंधर रघुकुलनाथा।। गहे भरत पुनि प्रभु पद पंकज। नमत जिन्हहि सुर मुनि संकर अज।।’’
इस श्लोक का भाव यह है कि श्रीरामजी ने सभी ब्राह्मणों का सम्मान किया और भरत ने प्रभु के चरणकमल पकड़ लिए, जिन्हें देवता, मुनि, शंकर और ब्रह्मा भी प्रणाम करते हैं।
माता सीता संग राम दरबार का दृश्य
श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और माता जानकी के मिलन का दृश्य देखते ही पूरा क्षेत्र भक्ति भाव से भर गया। दर्शकों की आंखें सजल हो गईं और मंचन देखने आए लोगों ने अद्वितीय आनंद का अनुभव किया।
आयोजन व सुरक्षा व्यवस्था
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भरत मिलाप का आयोजन श्रीबाल रामलीला समिति और गोला सहूवाइन रामलीला समिति की ओर से किया गया।
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कार्यक्रम में कुमार आनंद, रजनीश मिश्र, आशीष अग्रहरि, जयकिशन जायसवाल, सिद्धार्थ अग्रहरि, अश्वनी, रोशन, अनय, पुष्कर, विकास, रौनक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी थाना प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह और नगर चौकी प्रभारी आशीष सिंह ने दल-बल के साथ संभाली।