फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद।
जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए फरीदाबाद में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में भव्य योग सत्र का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” रही, जिसे कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बनाया गया।
👥 100 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
इस योग सत्र में 100 से अधिक विद्यार्थियों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने भाग लिया और आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम का आयोजन डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय द्वारा किया गया था।
🧘♂️ कुलपति व डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर रहे प्रमुख प्रतिभागी
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
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कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर
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डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. प्रदीप डिमरी
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सहायक कुलसचिव सचिन गुप्ता (संचालनकर्ता)
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निरामयं योग क्लब के सदस्यगण
योग सत्र का विशेष मार्गदर्शन योगाचार्य मास्टर राम जीत सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों व उपस्थितजनों को योग के शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक लाभ के विषय में विस्तार से बताया।
🧠 कुलपति ने बताया योग का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पक्ष
कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि:
“योग भारत की प्राचीन परंपरा की एक अमूल्य देन है। यह न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन की एकाग्रता और मानसिक संतुलन बनाए रखता है। विद्यार्थी जीवन में योग का अभ्यास न केवल परीक्षा के तनाव को कम करता है, बल्कि जीवन की जटिल समस्याओं को हल करने की दृष्टि भी देता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि योग को एक दिवस की गतिविधि न मानें, बल्कि प्रतिदिन के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
🌱 पर्यावरण के साथ योग का संबंध
प्रो. तोमर ने योग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी बल देते हुए कहा कि पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाकर हम धरती और समाज दोनों के प्रति अपने दायित्व को निभा सकते हैं।