फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद।
राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्यालय सेक्टर-33 फरीदाबाद में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य” (One Earth, One Health) को केंद्र में रखते हुए सत्र में सैकड़ों अधिकारियों, स्टाफ कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
👥 सत्र का हुआ भव्य आयोजन
यह योग सत्र महानिदेशक डॉ. तृप्ता ठाकुर के दिशा-निर्देशों में आयोजित किया गया।
सभी प्रतिभागियों ने आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योगिक क्रियाएं कीं। कार्यक्रम में ताड़ासन, वृक्षासन, अर्ध चक्रासन, वज्रासन, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी आदि योगासन शामिल थे।
🌍 योग: भारत की वैश्विक सांस्कृतिक देन
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि:
“योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलन का मार्ग है। यह भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य देन है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है।”
🧠 राष्ट्र निर्माण में योग की भूमिका
कार्यक्रम में विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है।
“योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति स्वस्थ होगा, तभी वह राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा पाएगा।”
⚡ एनपीटीआई परिवार की सक्रिय भागीदारी
एनपीटीआई के अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षु व तकनीकी विद्यार्थी इस आयोजन में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस पहल का उद्देश्य था कि हर दिन योग किया जाए, न कि सिर्फ एक दिन।