
फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फऱीदाबाद:भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को गुरुवार को भाजपाईयों ने बलिदान दिवस के रूप में मनाया। सेक्टर-15ए स्थित भाजपा के जिला कार्यालय अटल कमल पर जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा नेताओं,पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और उनके जीवन दर्शन पर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया तथा कार्यालय परिसर में एक पौधा लगाकर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। फरीदाबाद में मंडल स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा सरकार में मंत्री मूलचंद शर्मा,विधायक सीमा त्रिखा, राजेश नागर,नरेन्द्र गुप्ता,स्थानीय निकाय प्रदेश सह संयोजक देवेन्द्र चौधरी,किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सोहन पाल सिंह,पूर्व महापौर सुमन बाला और भाजपा प्रदेश जिला,मंडल पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने श्यामाप्रसाद मुखर्जी को पुष्पांजली कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की । गोपाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमन्त्री जवाहरलाल नेहरू के हस्तक्षेप के चलते जम्मू कश्मीर का भारत में पूरी तरह से विलय नहीं हो पाया, जिसके फलस्वरूप श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर राज्य का अलग संविधान और धारा 370 के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। डॉ.मुखर्जी ने सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की और दो निशान,दो विधान और दो संविधान का खुला विरोध किया। 1953 में कश्मीर समस्या को लेकर बड़े संघर्ष की शुरूआत की और जम्मू कश्मीर के सम्पूर्ण विलय के लिए एक आंदोलन किया। इस आंदोलन के चलते भारत भर में एक नारा गूंज गया कि- एक देश में दो प्रधान,दो विधान,दो निशान:नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे। उन्होंने 11 मई, 1953 में जम्मू कश्मीर में बिना सरकार की अनुमति के प्रवेश ले लिया। तत्कालिक कांग्रेस सरकार के कुचक्र के कारण डॉ.मुखर्जी जेल गए और जेल में ही संदिग्ध हालत में मां भारती की सेवा में अपना जीवन बलिदान किया। डॉ. मुखर्जी देश के सच्चे सपूत थे। हम सभी को उनके जीवन तथा उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए । देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में धारा 370 को तोड़कर जम्मू कश्मीर का भारत में सम्पूर्ण विलय कर उनका सपना साकार किया।