Ibn news ब्यूरो रिपोर्ट राकेश पांडेय

गाजीपुर। दुल्लहपुर पुलिस व स्वाट टीम द्वारा दिनांक 13/14.08.2022 की रात्रि मे हुई हत्या के सम्बन्ध मे थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 161/2022 धारा 302 IPC से सम्बन्धित 03 अभियुक्तो को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध तथा अपराधियों पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु चलाये जा रहे, अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर , क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा के कुशल पर्यवेक्षण में रात्रि मे चलाये गये चेकिंग के दौरान रात्रि मे हत्या के सम्बन्ध मे थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 161/2022 धारा 302 IPC से सम्बन्धित प्रकाश मे आये अभियुक्त ओमप्रकाश यादव पुत्र प्रेम यादव को अमारी गेट के पास से तथा अभियुक्त पिन्टु यादव पुत्र मुन्ना यादव निवासी गण नसीरपुर जीवन थाना दुल्लहपुर जनपद गाजीपुर संदीप कुमार पुत्र शिवसरन निवासी अमेहता ( गोदसइया ) को स्थानीय स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किये गये अभियुक्त ओमप्रकाश यादव के निशानदेही पर हत्या मे प्रयोग किया गया आलाकत्ल एक अदद चापड (गडासी ) व मृतक का एक अदद शर्ट खून लगा हुआ बरामद किया गया।
विवरण पूछताछ- अभियुक्त ओमप्रकाश यादव द्वारा बताया गया कि मैं कामिनी कुमारी (काल्पनिक नाम) पुत्री निवासी सराय बैरक थाना दुल्लहपुर जनपद गाजीपुर को चाहता था परन्तु कामिनी मृतक आशीष चौहान पुत्र रामकवल चौहान निवासी मोलनापुर थाना दुल्लहपुर गाजीपुर को चाहती थी। इसी बात को लेकर एक माह पूर्व हम दोनो मे विवाद हुआ था। दिनांक 13.08.2022 को कामिनी के सम्बन्धो को लेकर आशीष के दुकान पर मुझसे व आशीष से धक्का मुक्की हुई थी तभी आशीष को मारने का प्लान बनाया।
इससे संदीप की भी आशीष से हाथापायी व गाली गलौज हुई थी जिससे संदीप भी आशीष से मन ही मन काफी जलन व दुश्मनी रखने लगा था। इस पर ओमप्रकाश ,संदीप व पिन्टु तीनो लोगो ने मिलकर दिनांक 13.08.2022 की रात्रि मे प्लान करके आशीष के किराये के मकान मे गये तथा चैनल व आशीष के कमरे का दरवाजा खुला था । तब तक रात्रि के करीब 2.30 बज रहे थे ।
पिन्टु यादव द्वारा आशीष के दुकान से अपनी बहन की शादी मे 70-80 हजार रुपये का किराना का सामान उधार लिया था। आशीष द्वारा पिन्टु से बार बार उधार का पैसा मांगा जा रहा था। इसी बात को लेकर पिन्टु से भी विवाद हुआ था तथा लडकी कामिनी जो संदीप की चचेरी बहन है उसके आशीष से नाजायज सम्बन्धो को लेकर समाज मे काफी बदनामी होने के कारण संदीप ने आशीष को कई बार उससे मिलने जुलने से मना किया किन्तु आशीष नही माना तथा संदीप को भी धमकी दिया कि अगर तुम बीच मे पडे तो तुम्हे ठिकाने लगा दूंगा।
तीनो अभियुक्त दरवाजा खुला पाकर चुपचाप आशीष के कमरे मे दाखिल हुए तथा सोते हुए ही संदीप एवं पिन्टु ने आशीष का हाथ पैर पकड लिया तथा ओमप्रकाश ने लिए लोहे के गडासे से आशीष के शरीर पर कई वार किये जिसका प्रतिरोध आशीष ने किया किन्तु मजबूत पकड मे होने के कारण अपने को छुडा नही सका। तीनो अभियुक्त आशीष को मरा समझकर वहां से भाग गये किन्तु आशीष की मृत्यु नही हुई थी। होश मे आने पर उसने अपने बगल कमरे मे सो रहो रामरतन पाल को किसी तरह जगाया किन्तु जबडा हाथ तथा शरीर पर गहरे घाव होने के कारण उसे कुछ बता नही पाया जिस पर रामरतन पाल द्वारा 112 नम्बर पर पुलिस को सूचना दी गयी थी।
अभियुक्त ओमप्रकाश यादव को अमारी गेट के पास से समय करीब 01.10 बजे रात्रि गिरफ्तार किया गया तथा उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल रक्त रंजित गडासा तथा मृतक की खून से सनी कमीज जिससे ओमप्रकाश ने अपने हाथ पोछे थे, को रेलवे लाइन के किनारे झाडियो से बरामद कराया गया तथा अभियुक्त ओमप्रकाश की ही निशानदेही पर रेलवे स्टेशन दुल्लहपुर के प्लेटफार्म नं0 1 के दक्षिणी तरफ रेलवे लाइन के किनारे से शेष अभियुक्त गण संदीप राम व पिन्टु यादव को समय करीब 02.25 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
गिरफ्तार किये गये ओमप्रकाश यादव पुत्र प्रेम यादव निवासी नसीरपुर जीवन थाना दुल्लहपुर ।पिन्टु यादव पुत्र मुन्ना यादव निवासी नसीरपुर जीवन थाना दुल्लहपुर ।
राकेश की रिपोर्ट