बलिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में बलिया जनपद के दीवानी न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायालय के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा योगाभ्यास किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशों के तहत जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के अध्यक्ष अमित पाल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
🧘♂️ योग से जीवन में आता है अनुशासन और स्वास्थ्य
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव, DLSA हरीश कुमार ने बताया कि योग सत्र को सफल बनाने के लिए योग प्रशिक्षक श्री सर्वेश कुमार एवं श्री विश्वकर्मा शर्मा ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। उन्होंने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को योग के शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी दी।
🗣️ “योगः कर्मसु कौशलम्” — जिला न्यायाधीश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश अमित पाल सिंह ने कहा:
“योग: कर्मसु कौशलम् — अर्थात योग से ही कर्मों में कुशलता आती है। यह भारतीय संस्कृति की वैदिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का माध्यम है। योग मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है, इसे हर किसी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।”
👥 प्रमुख न्यायिक अधिकारीगण रहे उपस्थित
इस अवसर पर कई प्रमुख न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
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श्री संजीव कुमार तिवारी (पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण)
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श्री पुनीत कुमार गुप्ता (अपर जनपद न्यायाधीश)
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श्री ज्ञान प्रकाश तिवारी
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श्री रामकृपाल
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श्री शैलेश पाण्डेय (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट)
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श्री विशाल शर्मा, श्री सत्येन्द्र मौर्या, श्री विवस्वान प्रकाश, श्री उर्फी आजमी
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क्रिमिनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेन्द्र नाथ मिश्र एवं सचिव भूपेन्द्र सिंह
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समस्त तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण, सुरक्षाकर्मी एवं अन्य गणमान्यजन
📢 योग दिवस के आयोजन ने दिया सकारात्मक संदेश
न्यायिक प्रणाली से जुड़े लोगों द्वारा इस तरह सामूहिक रूप से योग में भाग लेना समाज को एक सकारात्मक संदेश देता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क व न्याय की कुशलता संभव है।