फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:नवरात्रों के आठवें दिन महारानी वैष्णो देवी मंदिर में माता महागौरी की भव्य पूजा अर्चना की गई। मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातः कालीन आरती का शुभारंभ करवाया। इस खास और शुभ अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइन देखी गई।
अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं ने मंदिर में आकर माता महागौरी की भव्य पूजा अर्चना में हिस्सा लेकर माता से अपने मन की मुराद मांगी। अष्टमी के शुभ अवसर पर मंदिर में कंजक पूजन का आयोजन किया गया। मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने मंदिर में कन्याओं का पूजन किया और फिर उन्हें प्रसाद वितरण कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया
माता महागौरी को मां दुर्गा का आठवां स्वरूप माना जाता है। इस दिन मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। कई साधक इस दिन पर नवरात्र व्रत का पारण भी करते हैं,ऐसे में नवरात्र की अष्टमी तिथि विशेष महत्व रखती है। मां महागौरी दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं,जो अत्यंत शांत,सौम्य और गौर वर्ण की हैं।
देवी महागौरी के गौर वर्ण के कारण उनकी तुलना शंख,चन्द्रमा और कुन्द के फूल से की जाती है। माता की सवारी बैल (वृषभ) है। उनकी चार भुजाएं हैं,जिनमें से दो में उन्होंने त्रिशूल और डमरू धारण किया हुआ है। देवी महागौरी का एक हाथ अभय में है और दूसरा वर मुद्रा।
भाटिया ने कहा कि जो भी भक्त अष्टमी के दिन माता मार्ग गौरी की भव्य पूजा अर्चना करते हुए अपने मन की मुराद उनसे मांगता है वह अवश्य पूर्ण होती है। भाटिया ने श्रद्धालुओं को नवरात्रों एवं अष्टमी की शुभकामनाएं और बधाई दी।