फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: विजय रामलीला कमेटी, मार्किट नंबर 1, फरीदाबाद के ऐतिहासिक मंच पर कल रात लंका दहन का भव्य मंचन किया गया। इस मंचन ने जहां भक्तिरस का अद्भुत वातावरण बनाया, वहीं दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
लंकिनी और हनुमान का प्रसंग
प्रदर्शन की शुरुआत उस दृश्य से हुई जब हनुमान जी लंका के द्वार पर पहुंचते हैं और लंकिनी नामक राक्षसी उन्हें रोकती है। हनुमान जी के एक मुष्टिका प्रहार से लंकिनी घायल हो जाती है। यह प्रसंग दर्शकों के बीच काफी सराहा गया।
सीता-रावण का संवाद
इसके बाद मंच पर सीता और रावण के बीच संवाद दिखाया गया। सीता (प्रिंस) और रावण (टेकचन्द) के बीच हुए प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब रावण ने क्रोध में सीता पर तलवार उठाई, तो मंदोदरी (मनोज शर्मा) ने बीच में आकर सीता की रक्षा की।
हनुमान-रावण की तकरार
मेघनाद (लखन वर्मा) द्वारा हनुमान जी को ब्रह्मपाश में बांधकर रावण के दरबार में पेश किया गया। वहां हनुमान (वैभव लड़ोइया) और रावण के बीच हुए जबरदस्त संवादों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वैभव लड़ोइया, जो दूसरी बार इस मंच पर श्री हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं, अपने चंचल स्वभाव और दमदार अभिनय से सबको लुभाते नजर आए।
लंका दहन का चरम दृश्य
अंत में हनुमान जी की पूंछ में आग लगने के बाद लंका दहन का दृश्य प्रस्तुत किया गया। पूरा मंच लपटों की भव्य सज्जा से जीवंत हो उठा और दर्शकों ने इस दृश्य को खूब सराहा। सीता से निशानी लेकर हनुमान जी श्रीराम की ओर लौटे, जिसने कथा को भावपूर्ण बना दिया।
आज का आकर्षण – राम सेतु और रावण-अंगद संवाद
रामलीला कमेटी के चेयरमैन सुनील कपूर मंच का संचालन कर रहे थे और अपने व्यंग्य व हास्य के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करते रहे। आज की रामलीला का मुख्य आकर्षण राम सेतु निर्माण और रावण-अंगद संवाद रहेगा।