वाराणसी, 7 जून:
स्वास्थ्य विभाग अब सरकारी अस्पताल परिसरों में मोरिंगा (सहजन) के पेड़ लगा रहा है, जिससे न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि पोषण संबंधी समस्याओं का भी समाधान होगा। इसी क्रम में शुक्रवार को शिवपुर शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काउंसलर बालिराम कन्नौजिया, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पियुश राय और अधीक्षक डॉ. संतोष यादव ने वृक्षारोपण किया।
मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जॉयल ने भी मौके पर मोरिंगा का पौधा लगाकर आमजन को प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि मोरिंगा एक चमत्कारी स्वास्थ्यवर्धक पेड़ है, जिसमें पत्तियों, फलों और बीजों में विटामिन A, C, कैल्शियम, पोटैशियम, प्रोटीन और लोहा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
🍀 मोरिंगा से पोषण की कमी पर प्रहार
डॉ. चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, देश में करीब 32% बच्चे उम्र के अनुसार कम वजन वाले हैं और कई बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं। मोरिंगा के पोषक गुण बच्चों, किशोरों और महिलाओं के लिए एक वरदान साबित हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि हर CHC, PHC और उप-स्वास्थ्य केंद्र में कम से कम दो मोरिंगा पेड़ अवश्य लगाए जाएं।
🚫 प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण की भी अपील
डॉ. संतोष यादव ने कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए अत्यधिक हानिकारक है क्योंकि यह वर्षों तक नष्ट नहीं होता। इससे मिट्टी की जल धारण क्षमता पर असर पड़ता है और जलीय जीवन भी संकट में पड़ता है। उन्होंने आम नागरिकों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और प्लास्टिक प्रदूषण रोकने की अपील की।
कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज दुबे समेत सभी अस्पताल कर्मचारी मौजूद रहे।