वाराणसी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां देवसिटी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के पार्टनर प्रदीप कुमार सिंह ने बकाया पैसे की मांग करने पर एक सिविल इंजीनियर रितेश सिंह को न केवल पीटा बल्कि गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
करोड़ों का सौदा और बकाया धनराशि
पीड़ित रितेश सिंह पुत्र महेश कुमार सिंह, मूल निवासी ग्राम गहमर (गाजीपुर) और वर्तमान में वाराणसी के मीरापुर बसहीं में रह रहे हैं। वह कई वर्षों से अरब अमीरात (मस्कट) में सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने पत्रकार वार्ता में बताया कि बाबतपुर स्थित अपनी जमीन (गाटा संख्या 1407, रकबा 1.6020 हे.) में से 0.1560 हे. यानी 1578 वर्गमीटर भूमि प्रदीप सिंह को एक करोड़ 29 हजार 400 रुपये में बेची थी। सौदे के बाद उन्हें केवल 33 लाख रुपये ही मिले जबकि शेष 67,29,400 रुपये आज तक नहीं दिए गए।
धोखाधड़ी और चेक की कहानी
रितेश सिंह ने बताया कि प्रदीप सिंह ने बैनामा के समय उन्हें चेक दिया, लेकिन उसी दिन यह कहते हुए चेक वापस ले लिया कि इसमें समस्या है और जल्द नया चेक देंगे। भरोसा करके उन्होंने रजिस्ट्री कर दी, लेकिन इसके बाद उन्हें बार-बार टालमटोल कर गुमराह किया गया और पैसा आज तक नहीं मिला।
मारपीट और धमकी की घटना
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 26 अगस्त 2025 को जब वह बकाया राशि मांगने देवसिटी बिल्डर्स के ऑफिस पहुंचे तो प्रदीप सिंह ने उन्हें गालियां दीं और कार्यालय में रखे पेपरवेट से सीने पर हमला किया। इतना ही नहीं, चश्मा तोड़ते हुए उन्हें धमकाया कि “भाग जा नहीं तो यहीं गोली मार दूंगा, तुम्हारा पैसा भी ले लिया और जमीन भी।”
न्याय की गुहार
घटना से भयभीत रितेश सिंह ने पुलिस आयुक्त को लिखित प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बिल्डर के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
बिल्डर पर गंभीर आरोप
रितेश सिंह ने कहा कि प्रदीप सिंह दबंग और मनबढ़ प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसने अब तक कई लोगों को इसी तरह धोखा देकर जमीन और पैसा हड़पा है। उन्होंने मांग की कि प्रदीप सिंह द्वारा बनाई गई चल-अचल संपत्तियों की निष्पक्ष जांच हो और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार ऐसे बिल्डरों पर बुलडोजर चले ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।