मुदस्सिर हुसैन IBN NEWS रुदौली, अयोध्या:
ब्लॉक मवई के ग्राम पंचायत नेवरा में स्थित अमृत सरोवर के सामने एक छोटा तालाब अपनी पहचान और उपयोगिता खोता जा रहा है। गाटा संख्या 572, क्षेत्रफल 51 एयर वाले इस तालाब की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब यह एक गंदे गड्ढे जैसा दिखने लगा है। चारों ओर फैला अतिक्रमण, बढ़ती गंदगी और प्रशासन की अनदेखी के कारण यह कभी उपयोगी रहा जल स्रोत अब दुर्दशा का शिकार हो चुका है।
शासन की योजनाएं बनी मजाक
सरकार जहां एक ओर अमृत सरोवर योजना के तहत गांवों में तालाबों के कायाकल्प के दावे कर रही है, वहीं नेवरा जैसे गांवों में यह योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। अमृत सरोवर के ठीक सामने स्थित यह तालाब अगर सही से सौंदर्यीकृत किया जाता, तो ग्रामीणों के लिए एक उपयोगी जलस्रोत और सुंदर पर्यटन स्थल बन सकता था।
समाजसेवी दानिश हुसैन की पहल
इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए समाजसेवी दानिश हुसैन ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:
-
तालाब की जमीन की राजस्व विभाग द्वारा नाप कर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।
-
अतिक्रमण हटाया जाए और तालाब की सीमा को पुनः निर्धारित किया जाए।
-
तालाब की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कर उसे फिर से उपयोगी बनाया जाए।
दानिश हुसैन ने बताया कि तालाब में आसपास के लोग कूड़ा-कचरा फेंकते हैं, जिससे यह बीमारी और दुर्गंध का स्रोत बन गया है। ऐसे में यह सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी एक बड़ी समस्या बन चुका है।
प्रशासन की अनदेखी से बढ़ी समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस तालाब के जीर्णोद्धार की तरफ ध्यान नहीं दिया। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में यह तालाब पूरी तरह अस्तित्वहीन हो सकता है।