फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) साहिल गुप्ता ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए समितियों का गठन कर सक्रियता से कार्य किया जा रहा है।
📜 बाल विवाह है कानूनन अपराध
एडीसी ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर किया गया विवाह अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें शामिल पंडित, फोटोग्राफर, टेंट हाउस, मैरिज हॉल, माता-पिता सहित सभी जिम्मेदारों के खिलाफ दो साल की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
🏫 स्कूलों में ली गई शपथ
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर 21, फतेहपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में डीपीओ मीनाक्षी, बाल संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक, वन स्टॉप सेंटर प्रमुख मीनू यादव सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
📢 जागरूकता अभियान ज़ोरों पर
प्रशासन की टीम पुजारी, पाठी, नंबरदार, पंच-सरपंच, पार्षद, सामुदायिक भवन मालिक, फोटोग्राफर, टेंट संचालक आदि को व्यक्तिगत रूप से मिलकर बाल विवाह के खतरों की जानकारी दे रही है। इसके साथ-साथ सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर सुपरवाइज़र, वर्कर और हेल्पर के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
☎️ शिकायत कहां करें?
यदि किसी को अपने आसपास बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत 1098 (चाइल्डलाइन हेल्पलाइन), स्थानीय थाना या ब्लॉक कार्यालय को सूचित करें। जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 इस विषय पर सतर्क रहेगा।