फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:कंधे से हाथ तक जाने वाला तेज या करंट जैसा दर्द सामान्य समस्या नहीं,बल्कि नस से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है।
यह जानकारी ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ.युवराज कुमार ने ग्रेटर फरीदाबाद की एक सोसाइटी में आयोजित सेमिनार में जानकारी दी। डॉ.युवराज कुमार ने बताया कि कंधे से हाथ की ओर फैलने वाला दर्द अक्सर गर्दन की नस पर दबाव के कारण होता है,जिसे आम भाषा में सर्वाइकल समस्या कहा जाता है।
उम्र बढ़ने के साथ गर्दन की हड्डियों में बदलाव या डिस्क प्रोलैप्स के कारण नस दब सकती है। इसके चलते मरीज को दर्द के साथ झनझनाहट,सुन्नपन और कई बार हाथों में कमजोरी भी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि खराब पॉश्चर,लंबे समय तक झुककर काम करना और गर्दन पर अचानक झटका लगना इस समस्या के प्रमुख कारण हैं।
सही निदान के लिए डॉक्टर एक्स-रे या एमआरआई की सलाह देते हैं,जिससे समस्या की गंभीरता का पता चल सके।
डॉ.कुमार के अनुसार,ज्यादातर मामलों में दवाओं,फिजियोथेरेपी और नियमित व्यायाम से ही राहत मिल जाती है। मरीजों को अपनी दिनचर्या में सुधार करने,सही पॉश्चर बनाए रखने और गर्दन-कंधे के व्यायाम नियमित करने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्जरी केवल अंतिम विकल्प है, जब नस पर दबाव अधिक हो और दर्द असहनीय हो जाए।
सेमिनार में बच्चों के स्वास्थ्य पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बच्चों की लंबाई और शारीरिक विकास अलग-अलग गति से होता है,इसलिए तुलना के आधार पर चिंता करना उचित नहीं है।
हालांकि,यदि बच्चा बहुत कमजोर दिखता है या खेलते समय बार-बार मोच आती है,तो यह पोषण की कमी का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों ने बच्चों के आहार में प्रोटीन,कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी।
दूध,दही,पनीर,दालें,अंडा,सोया,तिल,रागी और बादाम जैसे पोषक तत्व बच्चों के विकास के लिए जरूरी हैं। साथ ही रोजाना धूप और शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या को नजर अंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं।