टीम आईबीएन न्यूज़
ब्युरो रिपोर्ट
गाजीपुर के सनबीम स्कूल में कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य आयोजन
गाजीपुर: सनबीम स्कूल महाराजगंज में पहली बार सात दिवसीय कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो 17 से 23 मई तक चला। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना था।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यशाला में कथक विशेषज्ञ पायल अग्रवाल के साथ-साथ डॉ. डी. पी. सिंह, डी. डी. श्रीवास्तव, अमरनाथ तिवारी और कुंवर वीरेंद्र सिंह जैसे प्रतिष्ठित अतिथियों ने भाग लिया। सभी ने बच्चों की प्रतिभा और नृत्य के प्रति समर्पण की सराहना की।
कथक: नृत्य ही नहीं, जीवन जीने की कला
कार्यक्रम की प्रशिक्षिका पायल अग्रवाल ने कहा कि कथक नृत्य केवल एक कला नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवन शैली का माध्यम भी है। बच्चों ने शास्त्रीय संगीत के साथ मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
स्टार्टअप पहल: बच्चों द्वारा फूड स्टॉल
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों ने स्टार्टअप के तहत फूड स्टॉल लगाए। यह पहल बच्चों के उद्यमशीलता कौशल को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
प्रशासनिक सहयोग और आयोजन समिति
कार्यक्रम की संयोजक सरोन जालान और तहसीन आब्दि थीं। इनके साथ अनुज, सानिया, सिदरा, सुभदा, अभिषेक सिंह, आशीष तिवारी, संजू, राजेश जालान, संकेत कश्यप, प्रभात तिवारी और नागराज शर्मा ने आयोजन को सफल बनाया।
विद्यालय का दृष्टिकोण: सर्वांगीण विकास की ओर
विद्यालय के निदेशक नवीन सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं। प्रधानाचार्या अर्चना कुमारी ने प्रशिक्षिका और छात्रों को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की प्रतिबद्धता जताई।
निष्कर्ष
यह कार्यशाला न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव थी, बल्कि बच्चों के कौशल विकास और भारतीय परंपराओं को समझने का एक सशक्त माध्यम भी बनी।