फरीदाबाद, बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
सूरजकुंड रोड स्थित श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम, श्री सिद्धदाता आश्रम में हनुमान जयंती 2025 का पर्व धार्मिक उल्लास और आस्था के साथ भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने श्री हनुमान जी की मूर्ति का अभिषेक कर पूजन संपन्न किया और भक्तों को अपने प्रवचनों से आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया।
🌸 “हनुमान सेवा के प्रतीक हैं”
अपने प्रवचन में स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी ने कहा –
“हनुमान सेवा, समर्पण और विनम्रता के प्रतीक हैं। भगवान श्रीराम ने स्वयं कहा कि हनुमान का बल, रावण और बाली के सम्मिलित बल से भी अधिक है। बावजूद इसके, हनुमान अत्यंत विनम्र हैं और अपने बल पर गर्व न करते हुए भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को धनबल, तपबल और शारीरिक बल प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन विनम्रता सबसे महत्वपूर्ण गुण है, जो हनुमान से सीखना चाहिए।
🙏 “सेवा निष्काम होनी चाहिए”
स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य ने कहा कि सेवा कभी भी किसी फल की कामना से नहीं करनी चाहिए। यदि आपने सेवा के बदले में कुछ माँगा, तो उसका पुण्य समाप्त हो जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने जब-जब संकट के क्षणों का सामना किया, तब-तब उन्होंने हनुमान को अवसर प्रदान किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भगवान अपने सेवकों को सर्वोच्च स्थान देते हैं।
🚩 शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में दिव्यधाम में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने हाथों में झंडे लिए जयकारे लगाते हुए प्रभु श्रीराम और हनुमान जी का गुणगान किया।
🎶 भजन और प्रसाद वितरण ने बढ़ाई भक्ति की भावनाएं
भक्तगण सुमधुर भजनों पर नाचते-गाते हुए हनुमान जन्मोत्सव में डूबे नजर आए। शोभायात्रा के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रद्धालुओं का भक्ति भाव और समर्पण देख कर दिव्यधाम का वातावरण पूरी तरह से भक्ति, श्रद्धा और सेवा भावना से सराबोर हो गया।