रूदौली/मवई, अयोध्या | रिपोर्ट: मुदस्सिर हुसैन IBN NEWS
रामनगरी अयोध्या से महज 50 किलोमीटर दूर स्थित पटरंगा थाना क्षेत्र के सरैठा गांव में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब आसमान में एक संदिग्ध ड्रोन उड़ता दिखाई दिया। ग्रामीणों में भय और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई, खासकर तब जब राम मंदिर जैसी संवेदनशील जगह के निकट यह गतिविधि देखी गई।
नितेश सिंह ने उठाया सवाल
ग्राम सरैठा निवासी पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता नितेश सिंह ने ड्रोन का वीडियो बनाकर रूदौली कोतवाली पुलिस मीडिया ग्रुप में भेजा। वीडियो सामने आते ही पुलिस विभाग में हलचल मच गई और मामला सुरक्षा एजेंसियों के संज्ञान में लाया गया।
पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने की घेरेबंदी
ड्रोन गतिविधि को गंभीर सुरक्षा मामला मानते हुए पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने सरैठा गांव और आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू की।
सीओ रूदौली ने दी सफाई
कुछ ही देर में क्षेत्राधिकारी रूदौली आशीष निगम ने स्पष्ट किया कि “ड्रोन सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा नगर नियोजन कार्य के तहत उड़ाया गया था।” उन्होंने बताया कि यह कार्य भौगोलिक निरीक्षण (जियो-मैपिंग) के लिए किया जा रहा है, जो टाउन प्लानिंग की प्रक्रिया का हिस्सा है।
फिर भी नहीं मिटी ग्रामीणों की चिंता
हालांकि प्रशासन की ओर से सफाई दिए जाने के बावजूद ग्रामीणों में चिंता कम नहीं हुई है। कई लोगों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों की पूर्व सूचना स्थानीय प्रशासन व आम जनता को क्यों नहीं दी जाती है। वर्तमान में देश की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, किसी भी बिना सूचना के ड्रोन गतिविधि पर जनता का सतर्क हो जाना स्वाभाविक है।
क्या कहती है सुरक्षा नीति?
भारत में Unmanned Aerial Vehicles (UAVs) के संचालन के लिए DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) द्वारा कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार, नागरिक क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने से पहले स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सूचना देना आवश्यक है। इस मामले में सूचना की कमी ने अनावश्यक घबराहट पैदा कर दी।