अयोध्या ब्यूरो: कामता शर्मा
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज हुए ध्वजारोहण समारोह ने पूरे देश को भावविभोर कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इस ऐतिहासिक क्षण पर अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ: “यह किसी यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं बल्कि एक नए युग का शुभारंभ”
सीएम योगी ने कहा कि—
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राम मंदिर पर ध्वजारोहण एक नए युग के उदय का प्रतीक है।
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यह अवसर केवल पूर्णाहुति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा की नई शुरुआत है।
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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत का उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से अभिनंदन किया।
उन्होंने आगे कहा—
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प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है।
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मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है।
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ध्वजारोहण यह उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि—
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कभी वैभवशाली अयोध्या संघर्षों और अराजकता का केंद्र बन गई थी।
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लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “ध्वज सदियों से चले आ रहे संकल्प और सपनों का साकार स्वरूप”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा—
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इस केसरिया ध्वज का रंग, उस पर अंकित सूर्यवंश की महिमा और कोविदार वृक्ष रामराज्य के आदर्शों का प्रतिरूप है।
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यह ध्वज संकल्प, साधना और सफलता का प्रतीक है।
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आज अयोध्या भारत की सांस्कृतिक चेतना के नए अध्याय की साक्षी बन रही है।
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“आज संपूर्ण भारत और विश्व राममय है।”
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सदियों का दुख, वेदना और प्रतीक्षा आज समाप्त हो रही है… सदियों का संकल्प सिद्धि को प्राप्त हो रहा है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत: “आज अनेक बलिदानों की आत्मा तृप्त हुई होगी”
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने भावुकता से कहा—
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यह दिन अनेक बलिदानों की पूर्ति का दिन है।
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जिन लोगों ने इस आंदोलन में अपना सब कुछ समर्पित किया—आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी।
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ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई है।
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“हमने इसे अपनी आंखों से देखा… यह हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है।”
रामलला का मंदिर—500 वर्षों की प्रतीक्षा का अंत
सीएम योगी ने कहा—
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500 वर्षों में साम्राज्य बदल गए, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन आस्था अडिग रही।
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RSS के नेतृत्व में उद्घोष हुआ—
“रामलला हम आएंगे, मंदिर वही बनाएंगे…
लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वही बनाएंगे।” -
आज हर दिशा में रामराज्य की अनुभूति हो रही है।
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अयोध्या अब प्रतिदिन त्योहार और उत्सव की नगरी बन चुकी है।