IBN NEWS रिपोर्ट | मीरजापुर |
जनपद मीरजापुर के लिए रविवार का दिन प्रोजेक्ट मिलन के तहत सामाजिक सौहार्द और मानवीय संवेदना की मिसाल बनकर सामने आया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा के निर्देशन में परिवार परामर्श केंद्र, मीरजापुर ने काउंसलिंग के माध्यम से 11 अलग रह रहे विवाहित दंपतियों को फिर से मिलाने में सफलता प्राप्त की।
👩❤️👨 क्यों बिछड़े थे दंपती?
विवाहित दंपतियों में आपसी मनमुटाव, घरेलू कलह, संप्रेषण की कमी, परिवार का दखल जैसे कारणों से दूरी आ गई थी। कई मामले अदालत या पुलिस के स्तर तक पहुँच चुके थे, लेकिन परिवार परामर्श केंद्र की सकारात्मक पहल और निरंतर काउंसलिंग के बाद सभी 11 जोड़ों ने फिर से एक साथ जीवन बिताने पर सहमति जताई।
🧠 काउंसलिंग टीम का विशेष योगदान
परिवार परामर्श केंद्र, मीरजापुर में काउंसलिंग सत्र के दौरान निम्न अधिकारी व सदस्यगण प्रमुख भूमिका में रहे:
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महिला निरीक्षक: शशि तिवारी
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महिला मुख्य आरक्षी: ममता तिवारी
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महिला आरक्षी: सपना
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परामर्श सदस्य: निर्मला राय, डॉ. कृष्णा सिंह, सुरेशचन्द्र जायसवाल
इन्होंने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों की बात सुनी, समझाईश दी और धीरे-धीरे मनोवैज्ञानिक तरीकों से आपसी मतभेद खत्म करने की दिशा में कार्य किया।
🔎 क्या है प्रोजेक्ट मिलन?
प्रोजेक्ट मिलन, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित एक सामाजिक पुनर्संवाद योजना है, जिसका उद्देश्य टूटते हुए पारिवारिक संबंधों को पुनर्स्थापित करना और कानूनी विवादों से पहले समाधान ढूंढना है।
यह परियोजना पुलिस की छवि को सख्त कानून प्रवर्तक से हटाकर जन-संवेदनशील मित्र के रूप में भी प्रस्तुत करती है।
📣 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा की सराहना
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा के दिशा-निर्देश में जनपद में इस योजना को सफलता मिल रही है। उन्होंने परिवार परामर्श केंद्र की टीम को इस सामाजिक कार्य के लिए बधाई दी और जनता से अपील की कि वे किसी भी वैवाहिक या पारिवारिक विवाद में पहले बातचीत और समाधान के मार्ग को अपनाएं।