फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: समाज सेवा और शिक्षा को जोड़ते हुए जे.सी.बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जेनिथ हॉस्पिटल, बल्लभगढ़ के सहयोग से पाली गांव में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम ग्रामीण शैक्षिक शिविर के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे बीएसडब्ल्यू (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से संचालित किया जा रहा है।
ग्रामीणों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं
शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को उनके गांव में ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और साथ ही विद्यार्थियों को सामुदायिक क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
चार सदस्यीय चिकित्सकीय टीम में डॉ. यशवी के नेतृत्व में सतीश, धर्मेंद्र और पुष्पा शामिल रहे। टीम ने ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान कीं। ग्रामीणों ने इस अवसर का लाभ उठाकर निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
शिविर संयोजक असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि यह आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। बीएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यार्थियों ने गांव में घर-घर जाकर ग्रामीणों को शिविर में आने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया। उनकी इस मेहनत का परिणाम यह रहा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इस शिविर में पहुंचे और सेवाओं का लाभ उठाया।
पंचायत का सहयोग और सराहना
शिविर का शुभारंभ गांव के सरपंच रघुवर और पंचायत सदस्यों की उपस्थिति में किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय और जेनिथ हॉस्पिटल के इस संयुक्त प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर ग्रामीण समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को आसान बनाते हैं।
शिक्षा और समाज सेवा का संगम
यह शिविर केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट शैक्षिक अवसर भी बना।
इससे विद्यार्थियों को –
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ग्रामीण स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने,
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समुदाय से संवाद स्थापित करने,
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और क्षेत्रीय स्तर पर कार्यक्रमों के प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
इस पहल ने विभाग की समाज उन्मुख शिक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाया। यह कार्यक्रम न केवल अकादमिक ज्ञान को समाज से जोड़ता है, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा भावना और उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करता है।
ग्रामीणों में जागरूकता
स्वास्थ्य शिविर के दौरान ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों की रोकथाम, पोषण संबंधी परामर्श, और जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता अपनाने की सलाह दी।