फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: अब सीएम विंडो और समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों को हल्के में लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सावधान हो जाना चाहिए। फरीदाबाद उपायुक्त विक्रम सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि लंबित शिकायतों का समाधान निर्धारित समय में नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🏢 समीक्षा बैठक में दिखा सख्त रुख
लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कहा कि कई शिकायतें वर्षों से लंबित हैं, जो अब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होंगी। पिछले पांच वर्षों से लंबित शिकायतों की समग्र जांच की जा रही है और संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत लिखित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
⚖️ तय समय सीमा में निस्तारण नहीं होने पर कार्रवाई तय
यदि कोई अधिकारी रिपोर्ट देने में असफल रहता है या शिकायत का समाधान संतोषजनक नहीं होता, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी। डीसी ने यह भी कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की ठोस व्यवस्था है।
👨💼 मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं निगरानी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इन शिकायतों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता देकर समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।
📋 रिपोर्ट भेजना अनिवार्य
शिकायतों की स्थिति की रिपोर्ट पूर्व निर्धारित परफोर्मा पर भेजना अनिवार्य है। कोई भी विभाग यदि इस प्रारूप का पालन नहीं करता है तो वह भी विलंब की श्रेणी में आएगा और संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय होगी।
🧑⚖️ बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
समीक्षा बैठक में डीसीपी उषा कुंडू, एसडीएम फरीदाबाद शिखा, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा, आरटीए सचिव मुनीश सहगल, सीटीएम अंकित कुमार सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।