फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: ईद-उल-फितर (मीठी ईद) मनाई गई। मुस्लिम इलाकों में खास उल्लास देखने को मिला। मस्जिदों में अलग-अलग समय पर ईद की नमाज पढ़ी गई। नमाजियों ने मुल्क की तरक्की,अमन व शांति और खुशहाली की दुआ मांगी।
इसके बाद एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। तो वहीं ऊंचा गांव की जामा मस्जिद और बराही तालाब स्थान दिल्ली गेट वाली मस्जिद सहित शहर के विभिन्न मस्जिदों में ईद की नमाज को लेकर खास इंतजाम किए गए थे, जिससे नमाजियों को किसी तरह की परेशानी न हो सके।
ईद की नमाज के लिए लोगों ने सुबह मस्जिदों में पहुंचकर नमाज पढ़ी। ईद को लेकर बच्चों में खास उल्लास देखने को मिला। बच्चों को बड़े-बुजुर्गों से ईदी मिली। तो उनके चेहरे पर मुस्कान छा गई। ईद को लेकर घरों में सेवईयां और विभिन्न प्रकार के पकवान तैयार किए गए थे। तो वहीं ओल्ड़ फरीदाबाद मरकज मस्जिद ईदगाह में रहे इमाम मुफ्ती मुस्तिजाबुद्दिन ने कहा कि ईद भाई-चारे का त्योहार है और इसको एक दूसरे गले मिलकर मनाया जाना चाहिए।
तो वहीं मौलाना जमालुद्दीन ने कहा कि रमजान माह समाप्त होने पर ईद-उल-फितर आती है बेहद खुशी का त्योहार है इस दिन एक दूसरे को अपने घर बुलाकर ईद की मुबारकबाद देना चाहिए और मुंह भी मिठा कराना चाहिए ताकि भाई-चारा बना रहे।