फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:सेक्टर-18 स्थित ओम किड्स एकेडमी में सतयुग दर्शन संगीत केंद्र का भव्य उद्घाटन कई सम्मानित व्यक्तियों की गरिमामई उपस्थिति में हुआ।जिनमें मुख्य अतिथि कमलेश शास्त्री मंडल बाल कल्याण अधिकारी,विमल खण्डेलवाल जी संरक्षक रेडक्रास सोसाइटी फरीदाबाद,एस एन गोगिया, मेनेजर संगीत कला केन्द्र,शीतला कर्दम प्रिंसिपल ओम किड्स एकेडमी एवं सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्रिंसिपल दीपेंद्र कांत शामिल थे। उद्घाटन समारोह के दौरान,दीपेंद्र कांत ने एक प्रेरक संदेश दिया,जिसमें उन्होंने संगीत के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि यह कैसे एक व्यक्ति के जीवन को आकार देता है। उन्होंने कहा कि संगीत एक सकारात्मक मानसिकता और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि संगीत आत्मा को ऊपर उठाने की शक्ति रखता है और जीवन में सामंजस्य और संतुलन को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा,उन्होंने संगीत को बाल अवस्था से सीखने के लिए प्रेरित किया जिससे छात्रों की रचनात्मकता,संज्ञानात्मक विकास और समग्र शैक्षिक अनुभव में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है। जब बचपना से बच्चों को संगीत सिखाते हैं, तो यह न केवल छात्रों की शिक्षा यात्रा को समृद्ध बनाता है,बल्कि जीवन के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देता है,जो उनके व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के सभी पहलुओं को लाभान्वित करता है।
हमारी सम्पूर्ण भारत में 21 संगीत कला केन्द्र चल रहे हैं यह नया संगीत कला केंद्र छात्रों को अपनी संगीत प्रतिभा का अन्वेषण,अध्ययन और विकास करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा,जिसमें पारंपरिक शास्त्रीय परंपराओं को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के साथ मिलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। जिससे सभी के लिए एक समग्र शैक्षिक अनुभव सुनिश्चित होगा। मुख्य अतिथि कमलेश शास्त्री ने बच्चों को संस्कारवान बनाने हेतु शिक्षको से अपील की एवं बच्चों का भविष्य संगीत रूपी गुण से निखरे इस हेतु शीतल जी को शुभकामनाएं दी। उद्घाटन समारोह मे सतयुग दर्शन संगीत कला केन्द्र के छात्र व छात्राओं ने संगीत और नृत्य से जुड़ी अभिनव प्रस्तुतियां का मंचन कर एकजुटता का सन्देश दिया,ओम किड्स एकेडमी द्वारा गायत्री मंत्र की प्रस्तुति से ऐसा लागा मानो छात्र संगीत कला मे रूचि रखते है और इसका अपने जीवन मे लाभ लने के लिए उत्सुक है।सभी शिक्षकों और छात्रों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे अपना योगदान दिया। संगीत गुरु संजय विड़लान,नेहा वदेरा आदि ने कार्यक्रम को राह दी,प्रिंसिपल शीतल कार्दम ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह प्रयास बच्चों में बदलाव हेतु एवम संगीत के माध्यम से उनका स्टेज फोबिया दूर करने एवम आध्यत्मिकता से जुड़ने हेतु किया गया है।