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रिपोर्ट सुभाष यादव

‘नारी तू नारायणी’ संगोष्ठी सलेमपुर, देवरिया में आयोजित
सलेमपुर, देवरिया: भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति और सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ के तत्वावधान में सलेमपुर में ‘नारी तू नारायणी’ नामक संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति को सम्मानित करना और महिलाओं के समाज में योगदान को उजागर करना था।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी का संबोधन
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने नारी को समाज की शक्ति स्वरूपा बताते हुए कहा कि नारी अपने आप में पूर्ण है और समाज में उनकी भूमिका अतुलनीय है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रमुख वक्ताओं के विचार
- राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार दिलावर सिंह ने नारी की शक्ति और स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
- राष्ट्रीय मंत्री मारकंडे मिश्रा ने भी नारी सशक्तिकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।
सम्मान समारोह
कार्यक्रम के दौरान कई उत्कृष्ट व्यक्तियों को उनके क्षेत्र में उत्कृष्टता और सेवा के लिए सम्मानित किया गया:
- सुश्री दिशा श्रीवास्तव (उप जिलाधिकारी) – कुशल प्रशासन के लिए सम्मानित।
- श्रुति शर्मा (अतिरिक्त ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, IAS) – सफल प्रशासन के लिए सम्मानित।
- शकुंतला सिंह – शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित।
- डॉ. अमरनाथ विश्वकर्मा – होम्योपैथिक चिकित्सा में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित।
- नंदिनी साहनी – स्केच चित्रकला में सम्मान पत्र से नवाजी गईं।
अन्य वक्ताओं के विचार
इस संगोष्ठी में अन्य वरिष्ठ व्यक्तियों ने भी नारी सशक्तिकरण और सामाजिक विकास पर अपने विचार रखे:
- श्यामानंद पाण्डेय (जिलाध्यक्ष)
- सदानंद कुशवाहा (बार अध्यक्ष)
- परमानंद यादव (वरिष्ठ अधिवक्ता)
- शशिशेखर मिश्र वात्स्यायन (प्रधानाचार्य)
उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं: शंभुदयाल, जवाहर लाल, शैलेश कुमार शर्मा, डॉ. एसके कुशवाहा, नवनीत कुमार मिश्र, डॉ. रीना मिश्रा, संतोष मिश्रा, रजनीश भारती, सुरेश कुमार सिंह, डॉ. विनय कुमार मिश्रा, सूर्यप्रकाश मिश्र, अमिय नाथ मिश्र, संजय श्रीवास्तव, प्रमोद तिवारी, डॉ. शशिशेखर मिश्र, रंभू प्रसाद, वशिष्ठ साहनी, भानुप्रताप सिंह आदि।
यह कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है, जिससे समाज में महिलाओं की भूमिका और सम्मान को बढ़ावा मिलेगा।
“नारी तू नारायणी संगोष्ठी: महिला सशक्तिकरण पर न्यायाधीश मनोज तिवारी का प्रेरक संबोधन”