मीरजापुर। जनपद पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए लगातार अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना अहरौरा क्षेत्र में नाबालिक किशोरी को बहला-फुसला कर भगाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना सात सितंबर की बताई जा रही है, जब एक व्यक्ति द्वारा थाना अहरौरा में लिखित तहरीर देकर यह आरोप लगाया गया कि नामजद अभियुक्त उसके नाबालिक पुत्री को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर गाली-गलौज एवं गंभीर धमकी दी गई थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर सोमेन बर्मा ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए कि अपराध में शामिल व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्राधिकारी (ऑपरेशन) को मामले की निगरानी करने और थाना प्रभारी अहरौरा सदानंद सिंह को टीम बनाकर आरोपित की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक रणनीति तैयार करने को कहा।
पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस एवं स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी। इसी दौरान उप-निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह एवं टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त अपने गांव सरिया बिन्दानपुर थाना अहरौरा के आसपास देखा गया है। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नामजद आरोपी गोपी बिन्द (पुत्र रामसकल बिन्द) को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, जिसके बाद उसे आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के उपरांत संबंधित धाराओं में न्यायालय भेज दिया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस तत्परता को लेकर क्षेत्र में यह संदेश गया है कि बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने कहा कि “महिलाओं और बच्चों के सम्मान व सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बाल तस्करी, अपहरण या बहला-फुसलाकर ले जाने जैसे अपराधों में शामिल दोषियों को हर हाल में सख्त दंड मिलना चाहिए।”
स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कदम समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं और अपराधियों में भय पैदा करते हैं।