वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के निर्देशन और राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस) के समन्वयक डॉक्टर रविंद्र कुमार गौतम के मार्गदर्शन में विशेष शिविर के छठवें दिन यातायात जागरूकता रैली और विश्व जल संरक्षण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया गया।
जल संरक्षण पर जागरूकता
मुख्य अतिथि डॉ. केसरी नंदन शर्मा, सहायक आचार्य विधि विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “जल ही जीवन है” और इसे संरक्षित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल संचयन के विभिन्न उपायों पर स्वयंसेवकों को जानकारी दी।
यातायात सुरक्षा पर जागरूकता
विशिष्ट अतिथि ट्रैफिक इंस्पेक्टर लंका, कृष्ण प्रताप यादव ने यातायात नियमों की जानकारी देते हुए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने वाहन चलाते समय नशे से बचने की भी सलाह दी।
इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच, संतोष नारायण पांडेय ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमों का पालन करने की अपील की।
यातायात जागरूकता रैली
एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों ने गायत्री शक्तिपीठ से नगवां मालिन बस्ती तक यातायात जागरूकता रैली निकाली। रैली में विभिन्न स्लोगन गूंजे:
- “दुर्घटनाओं से अगर रखना है दूरी, तो हेलमेट है सबसे जरूरी।”
- “वाहन नियंत्रित गति में चलाएं, जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।”
- “हम सब का एक ही नारा, प्रदूषण मुक्त हो देश हमारा।”
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हंसराज ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। गायत्री शक्तिपीठ परिवार के सदस्य वीरेंद्र कुमार ने गीत के माध्यम से मद्यपान और यातायात पर इसके प्रभाव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशांक चंदेल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी धनंजय कुमार शर्मा ने किया।
इस अवसर पर आशीष मिश्रा, आशीष गिरी, आदित्य कृष्णा, चंद्र कुमार सरोज, सूरज प्रजापति, किशन, कीर्ति राज, चिराग त्रिपाठी, हरिओम पांडेय, अभिनीत यादव, अमन सिंह, दीपक, तन्मय, विशाल, गोपी मनीष, सौरभ पटेल, विकी पटेल, राहुल सहित सभी स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
(रिपोर्ट: एन.एस.एस. काशी विद्यापीठ)