मीरजापुर। किसानक्राफ्ट द्वारा जिले के धोहा क्षेत्र में किसानों के लिए सूखे सीधी बुआई धान (Dry Direct Seeded Rice – DDSR) तकनीक के प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कम पानी में, कम लागत पर, पर्यावरण के अनुकूल तरीके से धान की खेती करने के नए मॉडल से अवगत कराना था।
✅ क्या है सूखा प्रत्यक्ष बीजित धान (DDSR)?
यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें:
-
खेत में पानी भरने की आवश्यकता नहीं होती
-
नर्सरी तैयार करने और रोपाई की जरूरत खत्म हो जाती है
-
धान के बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं
-
खेती में 30% तक पानी की बचत होती है
सामान्य पारंपरिक धान की तुलना में:
| पारंपरिक धान | DDSR धान |
|---|---|
| 1 किलो धान उत्पादन हेतु लगभग 5000 लीटर पानी की आवश्यकता | 2000–2500 लीटर पानी में उत्पादन संभव |
| अधिक श्रम और मजदूरी लागत | कम श्रम और सस्ती लागत |
| अधिक मीथेन उत्सर्जन | अत्यंत कम मीथेन उत्सर्जन |
यह तकनीक कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए भी अत्यंत उपयोगी बताई गई।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
सुमन्त होल्ला (हेड, किसानक्राफ्ट) ने कहा कि धान भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन पानी की कमी और खेती की बढ़ती लागत इस फसल को प्रभावित कर रही है। किसानक्राफ्ट द्वारा विकसित DDSR किस्में कम पानी में भी समान उत्पादन देने में सक्षम हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ होगा।
हंस नारायण सिंह (अंकित बीज भण्डार) ने बताया कि DDSR तकनीक से किसान मिट्टी की उर्वरता के अनुसार अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। स्वाद में कोई बदलाव नहीं होता और लागत भी काफी कम होती है।
आलोक जैन (असिस्टेंट मैनेजर, किसानक्राफ्ट) ने कहा कि इस तकनीक में:
-
नर्सरी बनाना नहीं पड़ता
-
खेत में पोखर डालने की जरूरत नहीं होती
-
खेत समतल हो तो यह तरीका सबसे सफल होता है
साथ ही यह तकनीक मीथेन उत्सर्जन को कम कर पर्यावरण की रक्षा भी करती है।
शिवाकान्त सिंह (अग्रोनामिस्ट) ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लो-मीथेन धान खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। लंबे समय में DDSR तकनीक मिट्टी की सेहत में भी सुधार करती है।
🌾 किसानक्राफ्ट के बारे में:
स्टेट मैनेजर दीपक सिंह ने बताया कि किसानक्राफ्ट एक आईएसओ-प्रमाणित कृषि उपकरण निर्माता और आपूर्तिकर्ता है। संगठन का उद्देश्य सीमांत और छोटे किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनाना है।
कंपनी के पास:
-
5000+ डीलर्स
-
14 क्षेत्रीय कार्यालय
-
1 विनिर्माण इकाई
जिसके माध्यम से यह पूरे देश में किसानों तक पहुंच बना रही है।