भारतीय संस्कारों में पाश्चात्य की एक्सटेंडेड फैमिली का प्रभाव बढ़ रहा है: जनपद न्यायाधीश अरविंद मिश्र द्वितीय
मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मीरजापुर की ओर से नगर के अनगढ स्थित भोला गार्डन में रविवार को संघ शताब्दी दीपोत्सव/परिवार स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, आदिसरसंघचालक डॉ. हेडगेवार और गुरुजी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मंचासीन मुख्य अतिथियों में प्रज्ञा प्रवाह केंद्रीय टोली सदस्य एवं वरिष्ठ प्रचारक रामाशीष, प्रांत संघचालक अंगराज, जनपद न्यायाधीश अरविंद मिश्र द्वितीय, राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत कार्यवाहिका माया पांडे और नगर संघचालक अशोक सोनी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्र सेविका समिति की बहनों द्वारा “वसुंधरा परिवार हमारा” गीत से हुआ।
भारतीय पारिवारिक संस्कृति ही विश्व को दिशा दे सकती है — रामाशीष
मुख्य वक्ता रामाशीष ने कहा कि भारतीय संस्कृति सत, चित और आनंद मूलक है। भारतीय चिंतन में परिवार संस्कार और शक्ति का केंद्र है। पश्चिमी देशों में परिवार क्लब-आधारित जीवन में बंट गया है, जबकि भारत में परिवार सात जन्मों का पवित्र बंधन माना गया है।
उन्होंने कुटुंब प्रबोधन के लिए कहा:
“महिलाओं को सीता और अनुसूया का संवाद तथा पुरुषों को वशिष्ठ-राम संवाद का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। ऐसा परिवार कभी नहीं टूटता।”
उन्होंने बताया कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्र परिवार से जुड़े रहते हैं, जबकि अमेरिकी बच्चे अपने घर लौटने में डरते हैं, क्योंकि पारिवारिक एकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता, अपनत्व और पहचान ही परिवार की आत्मा है।
आज भारतीय परिवारों में पश्चिमी ‘एक्सटेंडेड फैमिली’ की छाया दिख रही — जनपद न्यायाधीश अरविंद मिश्र
कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में जनपद न्यायाधीश अरविंद मिश्र द्वितीय ने कहा कि समाज में विवाद समाधान की प्राथमिक प्रक्रिया मजबूत होनी चाहिए।
उन्होंने बताया:
“सही संवाद और मध्यस्थता हो, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत रहते हैं। आज भारतीय परिवारों में पाश्चात्य प्रभाव के कारण रिश्तों में दूरी दिख रही है, जिसे सुधारना आवश्यक है।”
उन्होंने आगे बताया कि ‘सुलझेगा गांव – बढ़ेगा गांव’ अभियान के तहत 25 गांवों को मुकदमा मुक्त बनाया गया और वहां के प्रधानों को प्रशंसा पत्र दिया गया। राजगढ़ और ड्रमण्डगंज क्षेत्रों में लोक अदालतों और लीगल क्लिनिक के माध्यम से भी मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।
संघ प्रार्थना के पश्चात पुस्तक विमोचन व सहभोज
कार्यक्रम के अंत में संघ प्रार्थना, घर-घर संपर्क अभियान की पुस्तक का विमोचन और भारतमाता की संगीतमय आरती के पश्चात परिवार सहभोज संपन्न हुआ।
मुख्य रूप से उपस्थित
रामचेला, तिलकधारी, धर्मराज, सच्चिदानंद, संध्या, नीलम प्रभात, शरद चंद, परविंदर, रजत प्रताप, नीरज, केशव, सुनील, संतोष, अंजनी, लखन, विमलेश, अखिलेश, प्रदीप सहित बस्ती, शाखा और विभाग के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
मंच संचालन नगर कार्यवाह लखन ने किया।