मीरजापुर, 1 – जिले में भीषण गर्मी और ग्रामों में जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन, जल निगम, खंड विकास अधिकारी और ग्राम प्रधानों के साथ आपात बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल आपूर्ति प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराई जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
🧾 पेयजल आपूर्ति पर विशेष बैठक, ग्राम प्रधानों से सीधे संवाद
DM ने पटेहरा, हलिया, लालगंज, राजगढ़ और पहाड़ी जैसे अत्यधिक जल संकट वाले विकास खंडों के ग्राम प्रधानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रधानों से फीडबैक लिया।
DM प्रियंका निरंजन ने निर्देश दिया कि—
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जल निगम अधिकारी संवेदनशील गांवों में जल टैंकरों से तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करें।
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ग्राम प्रधानों की शिकायतों को स्थानीय स्तर पर टीम बनाकर मौके पर जांच की जाए।
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जहां पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है, वहां तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जाए।
⚠️ लुरकी परियोजना पर सख्ती, कार्यदाई संस्था को चेतावनी
पटेहरा विकास खंड की लुरकी पेयजल परियोजना में भारी शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्थाओं एनसीसी और मेघा को कड़ी चेतावनी दी। इसके साथ ही शासन को पत्राचार के निर्देश दिए गए हैं ताकि संस्थाओं पर कार्रवाई की जा सके।
DM ने स्पष्ट किया:
“पेयजल की आपूर्ति सुबह और शाम दोनों समय तय समय पर होनी चाहिए, अगर विद्युत आपूर्ति बाधित हो तो जनरेटर के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए।”
📱 कंट्रोल रूम नंबर जारी, ग्राम प्रधानों को निगरानी का निर्देश
जल निगम की ओर से कंट्रोल रूम नंबर 9473941824 जारी किया गया है, जहां आमजन पेयजल संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि हर ग्राम में एक WhatsApp ग्रुप बनाकर ग्राम प्रधानों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद सुनिश्चित किया जाए।
DM ने ग्राम प्रधानों से अपील की:
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गांव की निगरानी करें,
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कहीं भी जल संकट हो तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें।
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दूरस्थ मजरों में टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की जाए।
🏞 तालाबों की भराव स्थिति भी हुई समीक्षा
बैठक में तालाबों की भराव प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवशेष तालाबों को नहरों के माध्यम से तुरंत भरा जाए।
👩💼 मौजूद अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट अंशुल हिन्दल, अपर जिलाधिकारी शिव प्रताप शुक्ल, नमामि गंगे प्रकल्प के ADM देवेन्द्र प्रताप सिंह, सभी उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।