मीरजापुर: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मीरजापुर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से रजिस्टर, दो मोबाइल फोन, चार लैपटॉप और एक डीवीआर बरामद कर जब्त किया है।
कैसे हुआ खुलासा?
29 सितंबर को इन्द्रासन पुत्र प्रेमचन्द्र निवासी कंचनपुर, अहरौरा की तहरीर पर अहरौरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को शैतानी शक्तियों से मुक्ति दिलाने और आर्थिक मदद का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि चर्च में प्रार्थना सभाओं के जरिए लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मौके पर छापा मारकर पुलिस ने देव सहायम डैनियल राज और मिथिलेश कुमार कोल को हिरासत में लिया।
आरोपी का बड़ा कबूलनामा
पूछताछ में देव सहायम डैनियल राज ने बताया कि उसे इंडियन मिशनरीज सोसाइटी तिरूनिवेली (तमिलनाडु) द्वारा अहरौरा और नौगढ़ (चंदौली) क्षेत्र का फील्ड इंचार्ज बनाकर भेजा गया है।
उसने स्वीकार किया कि वह गांव-गांव जाकर निर्बल, पिछड़े और आदिवासी वर्ग के लोगों को प्रार्थना सभा और आर्थिक मदद के जरिए चर्च से जोड़ता था और धीरे-धीरे उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था।
कैसे जोड़ते थे लोग?
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महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाने के बहाने चर्च से जोड़ा जाता था।
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उन्हें सामान और पैसों की मदद दी जाती थी।
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प्रार्थना सभाओं में शामिल कराकर उन्हें धीरे-धीरे ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जाता था।
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प्रभावित लोगों को बाइबिल और ईसाई गीत सिखाए जाते थे।
गिरफ्तार आरोपी
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देव सहायम डैनियल राज पुत्र देव बिचईया, निवासी तेनकाशी, तमिलनाडु
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मिथिलेश कुमार कोल पुत्र रमाशंकर कोल, निवासी भरौलिया, सोनभद्र
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ओमप्रकाश पुत्र स्व. लालबहादुर, निवासी रजौली अदलहाट
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पारस सोनकर पुत्र कल्लू सोनकर, निवासी अनगढ़ रोड, मीरजापुर
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थॉमस राम सेवक पुत्र स्व. रामजीत, निवासी करवदिया, चंदौली
क्या मिला पुलिस को?
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से—
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सैलरी और भत्ता रजिस्टर
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डोनेशन रजिस्टर
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धर्मांतरण कराए गए लोगों का डेटा
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दो मोबाइल फोन, चार लैपटॉप और एक डीवीआर
बरामद किए।
कानून के तहत कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन निषेध अधिनियम 2021 और भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।