फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद। ऑल इंडिया लायर्स फॉरम के उपचेयरमैन विकास वर्मा एडवोकेट एवं राजेश खटाना एडवोकेट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की जज एवं फरीदाबाद की इंस्पेक्टिंग जज लीजा गिल को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें जिला जेल में विचाराधीन कैदियों एवं उनके परिवार के लिए निःशुल्क परामर्श और कानूनी सहायता के लिए एक पैनल गठन की मांग की गई।
इस पैनल में जिला अदालत फरीदाबाद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के अधिवक्ता शामिल होंगे। प्रमुख अधिवक्ताओं में शामिल हैं:
- विकास वर्मा (पूर्व सहायक एडवोकेट जनरल एवं सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड)
- वरुण शर्मा (पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट)
- संजय वर्मा (पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट)
- मनीष वर्मा, राजेश खटाना, मुकेश कुमार, महेश यादव, शिखा शर्मा और संदीप खटाना (फरीदाबाद जिला अदालत)
सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की पहल: इस पैनल का उद्देश्य उन विचाराधीन कैदियों और उनके परिवारों को कानूनी सहायता प्रदान करना है, जिन्हें अक्सर न्याय के लिए भटकना पड़ता है। विशेष रूप से बाहरी राज्यों के लोग इस सहायता से लाभान्वित होंगे। ऑल इंडिया लायर्स फॉरम ने यह पहल सामाजिक न्याय को मजबूत करने के उद्देश्य से की है।
युवा अधिवक्ताओं के लिए मांग: राजेश खटाना ने हाई कोर्ट न्यायाधीश से निवेदन किया कि फरीदाबाद जिला अदालत में पेश होने वाले युवा अधिवक्ताओं के नाम ऑर्डर शीट में शामिल किए जाएं, जिससे उन्हें सम्मानजनक अनुभव प्राप्त हो।
न्यायाधीश की प्रतिक्रिया: माननीय न्यायाधीश लीजा गिल ने इन प्रस्तावों की सराहना की और कहा कि मौलिक अधिकारों और कानूनी हितों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है।
आयोजन की पहल: विकास वर्मा ने न्यायाधीश का फरीदाबाद आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने आग्रह किया कि युवा अधिवक्ताओं के लिए सेमिनार और कानूनी कार्यशालाएं समय-समय पर आयोजित की जाएं, ताकि वे नए कानूनों की जानकारी प्राप्त कर सकें।