फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया तकनीकी विभाग के विद्यार्थियों ने दिल्ली में आयोजित ‘अंतर्मन-2025 फेस्टिवल’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ पुरस्कार अपने नाम किए। इस उपलब्धि ने न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे फरीदाबाद का मान बढ़ाया है।
फेस्टिवल में विद्यार्थियों ने डॉक्यूमेंट्री, फोटोग्राफी, ओपन माइक, मोनोलॉग, फिल्म निर्माण और आरजे हंट जैसी विविध प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इनमें से कई प्रतियोगिताओं में उन्हें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
पुरस्कार विजेताओं की सूची:
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प्रथम पुरस्कार: नेचर फोटोग्राफी – ऋचा जैन
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प्रथम पुरस्कार: ओपन माइक – कनिष्का खंडूरी
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प्रथम पुरस्कार: मोनोलॉग – पार्थ खत्री
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द्वितीय पुरस्कार: फिल्म निर्माण – धीरेन सिंह
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द्वितीय पुरस्कार: नेचर फोटोग्राफी – योगेश लांबा
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द्वितीय पुरस्कार: आरजे हंट – पलक सिंघल
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तृतीय पुरस्कार: फिल्म निर्माण – योगेश लांबा
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द्वितीय पुरस्कार: स्ट्रीट फोटोग्राफी – अदिति
कुलपति एवं विभागाध्यक्ष ने दी बधाई
कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में और भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे विद्यार्थी प्रतिभावान हैं। उन्हें केवल एक उपलब्धि पर नहीं रुकना चाहिए, बल्कि अगली प्रतियोगिताओं की तैयारी में और जोश से जुट जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में विद्यार्थियों को गोवा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में भाग लेने के लिए तैयार किया जाएगा।
प्रशिक्षकों का योगदान रहा अहम
इस सफलता में प्रॉडक्शन टीम के वरिष्ठ प्रशिक्षक दुष्यंत त्यागी, प्रॉडक्शन सहायक पंकज सैनी और अंजू सिंह का मार्गदर्शन व प्रेरणा भी निर्णायक रही। विभाग की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, डीन और अन्य संकाय सदस्यों ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए छात्रों को बधाई दी।
निष्कर्ष:
जे.सी.बोस विश्वविद्यालय के संचार एवं मीडिया तकनीकी विभाग के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि यदि समर्पण और मार्गदर्शन सही हो, तो छात्र किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं। विश्वविद्यालय का यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में और अधिक ऊंचाइयों को छूने का संकेत है।