महराजगंज। जनपद महराजगंज के लक्ष्मीपुर ब्लॉक के परसौनी कला गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नहर से लेकर पीडब्ल्यूडी सड़क तक चकबंध पर मिट्टी कार्य और राजजक के घर से नहर टेल तक चकबंध कार्य में मस्टरोल संख्या 3204 और 3206 में 15, 16 और 17 जून को दर्ज मजदूरों की हाजिरी पर सवाल उठने लगे हैं।
📷 एक ही फोटो में दर्ज कर दी गई 50 मजदूरों की हाजिरी
एनएमएमएस पोर्टल पर 57 से अधिक मजदूरों की हाजिरी नियमित रूप से अपलोड की जाती रही। लेकिन 15 से 17 जून के मस्टरोल में 20 महिला मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद, अपलोड की गई तस्वीरों में एक भी महिला नजर नहीं आ रही है। यह सवाल खड़े करता है कि जब कार्य नहीं हुआ, तो हाजिरी कैसे दर्ज हुई?
🌱 घास उगी, लेकिन मिट्टी नहीं दिखी
हैरानी की बात यह है कि मस्टरोल पूरा होने के केवल आठ दिन बाद ही कार्यस्थल पर ऊँची-ऊँची घास उग आई। राजजक के घर से नहर टेल तक के कार्य स्थल पर निरीक्षण के दौरान भी यही स्थिति दिखी।
तकनीकी सहायक से जब सवाल किया गया तो उन्होंने एक तस्वीर भेजी, जिसमें कार्य स्थल तो दिख रहा है, लेकिन मिट्टी की खुदाई नहीं, बल्कि सिर्फ घास की सफाई दिख रही है।
❓ मिट्टी कहां से आई? सिर्फ दिखावे की सफाई?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिट्टी कार्य के नाम पर केवल घास की सफाई की गई, और उसकी ही मापन पुस्तिका (MB) तैयार कर दी गई। इस मामले में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या घास की सफाई को मिट्टी कार्य दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है?
🗣️ जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एपीओ आभा दुबे ने बताया कि,
“मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।”