फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद। रमजान माह का आज आखिरी जुमा, जिसे जुम्मा-उल-विदा कहा जाता है, बड़ी श्रद्धा और भावुकता के साथ मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर लोग खुदा से मगफिरत (क्षमा) की दुआ करते हैं और अपने परिवार, दोस्तों और चाहने वालों को जुम्मा-उल-विदा की मुबारकबाद देते हैं।
जैसे-जैसे रमजान का यह पवित्र महीना अपने अंतिम चरण में पहुंचता है, रोजेदारों की आंखें नम हो जाती हैं। एक तरफ ईद की खुशियां करीब आती हैं, तो दूसरी तरफ रमजान के विदा लेने का गम भी दिलों में छा जाता है। लोग अल्लाह से दुआ करते हैं कि अगले साल भी उन्हें रमजान का यह मुबारक महीना नसीब हो और वे फिर से इसी तरह इबादत कर सकें।
शेयरी के जरिए भावनाओं का इज़हार
ऊंचा गांव बल्लभगढ़ की जामा मस्जिद के प्रधान शेर खान मलिक ने शेयरी अंदाज में कहा:
“तुझ से ही मांग सकें और सिर्फ तेरी इबादत की जा सकें, शब-ए-कद्र के बीच आखिरी जुम्मा आता है, लोग खुशी के साथ-साथ दुखी भी हो जाते हैं।”
इस मौके पर कारी शाह आलम ने भी अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा:
“अलविदा रमजान, अलविदा जुम्मा, तेरी रहमत से रोशन रहे हर उम्मा। तू फिर से लौट कर आना साल के बाद, तेरी बरकतों की हमें हर दम रहे फरियाद।”
ईद-उल-फितर की तैयारी
शहर की सभी मस्जिदों में ईद-उल-फितर की तैयारियां भी जोरों पर हैं। मस्जिदों में साफ-सफाई और सजावट की जा रही है। चांद के दीदार के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देंगे और खुशियां साझा करेंगे।
इस पवित्र दिन पर सभी लोग अल्लाह से दुआ करते हैं कि वह सभी की दुआओं को कबूल करे और सबके जीवन में शांति और समृद्धि लाए। जुम्मा-उल-विदा पर अपने अपनों को बधाई देना, उनकी भलाई की दुआ करना और इस दिन को यादगार बनाना भी इस मौके का एक अहम हिस्सा है।
अल्लाह सभी की दुआओं को कबूल करे। आमीन।