लखनऊ | उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को जनपद बांदा के चिल्ला घाट स्थित मदनपुर पंप नहर क्षेत्र का दौरा किया। यह इलाका यमुना नदी के किनारे संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। मंत्री ने मौके पर पहुंचकर जल प्रवाह का निरीक्षण किया और स्थानीय प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की।
🌊 संभावित बाढ़ क्षेत्रों पर रखी जाए कड़ी नजर
मंत्री ने बताया कि अभी स्थिति सामान्य है और यमुना तथा केन नदी में जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन फिर भी प्रशासन को हर स्थिति के लिए सतर्क और तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नदी कटाव वाले क्षेत्रों को चिन्हित करें और वहां रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम करें।
🚤 नाव, मोटरबोट, राहत टीमों की व्यवस्था अनिवार्य
निरीक्षण के दौरान जलशक्ति मंत्री ने जिला प्रशासन से बाढ़ की स्थिति में नाविकों, मोटरबोट और राहत बचाव टीमों की उपलब्धता की जानकारी ली और उन्हें चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जल स्तर बढ़ता है तो तुरंत सूचना दी जाए और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित हो।
🧾 प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी अधीक्षण अभियंता ने
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जनपद बांदा में पैलानी और सदर तहसील सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और ग्रामीणों को पहले से सतर्क किया जाए।
👥 प्रमुख अधिकारी भी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जे. रीभा, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) राजेश कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, केन नहर के अधिकारी, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
📢 जनहित में मंत्री का संदेश:
“बाढ़ की कोई भी आशंका हो, उससे निपटने के लिए हर जरूरी संसाधन और प्रबंधन तैयार रखें। नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— स्वतंत्र देव सिंह, जलशक्ति मंत्री, उत्तर प्रदेश