फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद — भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित जल शक्ति अभियान 2025 (कैच द रेन) के अंतर्गत सोमवार शाम बड़खल क्षेत्र में जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ने फील्ड निरीक्षण किया।
टीम का नेतृत्व खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के निदेशक पंकज कुमार ने किया। उनके साथ फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित मान, सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बड़खल झील एवं जल स्रोतों का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने बड़खल झील, क्षेत्रीय तालाबों, वर्षा जल संचयन संरचनाओं एवं प्राकृतिक जल निकायों का स्थलीय दौरा किया। अधिकारियों ने इन संरचनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण, जीर्णोद्धार और रखरखाव से जुड़ी जानकारी साझा की।
टीम ने झील की सफाई, घाटों के पुनर्निर्माण एवं जल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
परसोन मंदिर परिसर का निरीक्षण
टीम ने परसोन मंदिर परिसर का भी दौरा किया, जहां मौजूद प्राकृतिक जल स्रोतों का निरीक्षण किया गया। संबंधित विभागों द्वारा इन जल स्रोतों के संरक्षण हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई।
स्थानीय संवाद और फीडबैक
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने स्थानीय निवासियों से संवाद स्थापित कर जल संरक्षण को लेकर फीडबैक प्राप्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि जल संरक्षण परियोजनाओं के चलते भूजल स्तर में सुधार हुआ है। इससे न केवल खेती में सहूलियत मिली है, बल्कि जल संकट से निपटने में भी राहत मिली है।
जन भागीदारी से बनेगा जन आंदोलन
टीम प्रमुख पंकज कुमार ने कहा कि जल संरक्षण कोई अकेले सरकार का कार्य नहीं, बल्कि जन सहयोग से ही यह जन आंदोलन का स्वरूप ले सकता है। उन्होंने नागरिकों से इन संरचनाओं की निरंतर देखरेख, स्वच्छता, और उपयोगिता को बनाए रखने का आग्रह किया।
अभियान का उद्देश्य और भविष्य की दिशा
जल शक्ति अभियान का लक्ष्य वर्षा जल का अधिकतम संग्रहण कर उसे स्थानीय स्तर पर संग्रहित एवं पुनर्भरण करना है। यह अभियान देशभर में “जहां गिरे पानी, वहीं सहेजें पानी” की सोच को मजबूत करता है।
टीम सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचाने के लिए हमें अभी से सतर्क रहना होगा। सामूहिक प्रयास ही इस दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगे।