अयोध्या/मवई:अयोध्या के विकास खंड मवई की सरज़मीं पर सूफी संत हज़रत भीखा शाह र.अ. के सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर एक अजीमुश्शान मुशायरे का आयोजन किया गया। इस अदबी आयोजन में देशभर के मशहूर शायरों ने अपने शानदार कलाम पेश कर महफिल में चार चाँद लगा दिए।
🎤 सदारत और स्वागत
इस मुशायरे की सदारत प्रसिद्ध शायर क़याम लखनवी ने की, जबकि संचालन (निजामत) का जिम्मा आसिम काकोरी ने निभाया।
कार्यक्रम के आयोजक अबू मोहम्मद उर्फ़ कल्लू द्वारा मुख्य अतिथि सपा नेता चौधरी शहरयार, विशिष्ट अतिथि समाजसेविका श्रेया सिंह पटेल, समाजसेवी दानिश हुसैन, ग्राम प्रधान अब्बास अहमद का स्वागत माला पहनाकर किया गया।
✨ प्रिया सरोज की शायरी ने छुआ दिल
शायरा प्रिया सरोज ने अपने कलाम में कहा:
“किरदार मेरा जैसे है, चंदन की लकड़ियां,
घर-घर में चमकते रहा करे।”
उन्होंने आगे पढ़ा:
“समंदर है कोई सहरा नहीं,
मेरी आंखों से बहता नहीं,
तमाशा है ज़माने भर में,
उसको भटक कर भी सुकूं नहीं।”
🖋 दिग्गज शायरों ने बांधी महफिल
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जहूर फैज़ी ने अपने तीखे शब्दों से कहा:
“सोचता हूं सारे सितम तोड़ दूं,
खुद के जीने से बेहतर है दम तोड़ दूं।”
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अतीक फतेहपुरी ने दिल छू लेने वाली पंक्तियाँ पढ़ीं:
“पहले ही अपनी मौत से मरने लगा हूं,
दीवानगी की हद से गुजरने लगा हूं।”
📜 अन्य प्रमुख शायर जिन्होंने किया कलाम पेश:
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डॉ. शमीम रामपुरी
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जावेद साहिल सीतापुरी
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वकार काशिफ कुर्सवी
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हसन साहिर फतेहपुरी
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शालीम हमदम रुदौलीवी
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सना महमूदाबादी
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शगुफ्ता अंजुम लखनवी
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प्रिया सिंह लखनवी आदि।
🤝 समर्पण और सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में हसीब शाह (मेला अध्यक्ष), कलीम शाह (खजांची), तौफीक राइन, मु. शमीम, शकील अहमद, मुन्ना राइन, जमील राइन, अलीम राइन, इस्लाम राइन सहित अन्य आयोजकों का सराहनीय योगदान रहा।
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