गाजीपुर ब्यूरो | टीम IBN न्यूज़
गाजीपुर: आईबीएन न्यूज़ की रिपोर्ट का असर दिखा। जिला मुख्यालय पर रेलवे क्रॉसिंग के पास ओवरब्रिज के नीचे लंबे समय से संचालित हो रहा गर्विता अस्पताल गंभीर आरोपों के बाद जांच के दायरे में आ गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब अस्पताल पर छापा मारा, तो अस्पताल की संचालिका डॉ. कृतिका जायसवाल जरूरी रिकॉर्ड लेकर मौके से फरार हो गईं।
क्या है मामला
बिरनो क्षेत्र की एक प्रसूता की गर्विता अस्पताल में डिलीवरी कराई गई थी। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक डॉ. कृतिका जायसवाल ने परिजनों से लगभग 50 हजार रुपये तक की वसूली की। लेकिन ऑपरेशन में लापरवाही के चलते प्रसूता की हालत बिगड़ गई। गंभीर स्थिति होने पर महिला को मऊ रेफर किया गया, जहां प्रसूता और मासूम की मौत हो गई।
इस मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े हुए। खुद डॉ. कृतिका जायसवाल ने इस घटना की पुष्टि मीडिया से की थी। लेकिन बाद में कुछ यूट्यूबर और कथित पत्रकारों के सहारे अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग और मीडिया को बदनाम करने का प्रयास शुरू कर दिया।
जांच टीम की कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडेय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्विता अस्पताल पर रेड की। लेकिन टीम के पहुंचते ही अस्पताल से संचालिका और स्टाफ फरार हो गए। केवल रिसेप्शनिस्ट ही मौके पर मिली।
जांच टीम ने तकनीकी खामियों और अवैध संचालन की पूरी रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ को सौंप दी। संचालिका को नोटिस जारी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग सख्त
सीएमओ ने कहा कि इस तरह के अवैध और दबंगई से चल रहे अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य महकमा जल्द ही ऐसे संस्थानों को प्रतिबंधित करने की कार्यवाही शुरू करेगा।
बचाव में जुटा कथित गिरोह
इस बीच शहर के कुछ विवादित यूट्यूबर और स्वघोषित पत्रकार अस्पताल संचालिका के समर्थन में माहौल बनाने और स्वास्थ्य विभाग को बदनाम करने की मुहिम छेड़े हुए हैं। यहां तक कि मामले को हाईकोर्ट तक ले जाने की साजिश की खबरें भी सामने आ रही हैं।