टीम आईबीएन न्यूज
ब्यूरो रिपोर्ट
गाजीपुर: दो दशक से अपनी कारस्तानियों एवं कारनामों को लेकर चर्चित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात एक बाबू के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है। आरोप तो यहॅा तक है कि सम्बन्धित बाबू की नियुक्ति व ट्रांसफर पोस्टिंग पटल पर लम्बे समय से एक छत्र अधिकार चलाता है जबकि विभागीय मानकों व कानून के हिसाब से उसकी नियुक्ति ही फर्जी है व मानक के विपरीत है। इस बात की शिकायत व जांच दोनो मामले सार्वजनिक होने के बाद सम्बन्धित विभाग व बाबू समेत उसके शुभचिन्तकों मे हड़कम्प मचा हुआ है।
बाबू की सम्बन्धित नियुक्ति अवैध होने का हवाला देने वाले पक्ष का साफ कहना है कि बाबू ने एक नही तकरीबन दो दर्जन से अधिक नियुक्तियॉ विभाग में लाखो रूपये की लेन-देन करने के बाद कराया है जिसमे से अधिकतम कला टीचरों की नियुक्ति का मामला है जिसमे मौजूदा समय में तीन लोगों की नियुक्तियों पर उठाये गये सवाल के बाद जांच चल रही है। जिसमे तीनो आरोपित तैनाती वाले लोग रेवतीपुर, खालिसपुर व बभनौली के विद्यालयों में अपनी शिक्षा दे रहे है। सम्बन्धित बाबू भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अपनी डयूटी व अपना पटल रोज देखता है। बावजूद इसके न तो उक्त बाबू के मामलो का कोई संज्ञान लिया जा रहा है न ही जांच की कोई स्थिति स्पष्ट हो रही है। मामला विभाग के लेखाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिलाधिकारी, जे0डी0 व उपर के भी अधिकारियों को लिखित रूप से संज्ञान में दिया गया है। जिसमे तीन से पॉच मामलो में जांच कच्छप गति से जारी है।
मामले को संज्ञान में आने के बाद जब सम्बन्धित बाबू से कुछ मीडियाकर्मियों से व मीडिया संस्थानों से जुड़े लोगों ने बात करने की कोशिश की तो महोदय ने उन्हें जिले के एक वरिष्ठ नेता के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकार का रिश्तेदार होने का हवाला भी दिया। इसी बीच एक नया चौकाने वाला मामला और यह आ गया कि दुल्लहपुर इलाके के रहने वाले एक अधिवक्ता से उसके पिता की नियुक्ति या ट्रांसफर पोस्टिंग सम्बन्धित मामलो में सम्बन्धित बाबू ने दस लाख रूपये की लेन-देन की बात की है। जिसका आडियो क्लीप अधिवक्ता के पास मौजूद है। सम्बन्धित मामले की सूचना मिलने के बाद आई0बी0एन0 टीम ने सम्बन्धित बाबू के कारनामो व उसके उपर लगाये गये आरोपों का पूरा रिकार्ड जुटाने का काम किया है और जनपदवासियों को क्रमवार इस मामले को लेकर लगातार नये खुलासे करता रहेगा। क्रमशः जारी ………