रिपोर्ट: बी.आर. मुराद, IBN NEWS, फरीदाबाद
फरीदाबाद। “जहां हुए बलिदान मुखर्जी…वो कश्मीर हमारा है, वो सारा का सारा है।” इस भावपूर्ण नारे के साथ आज भारतीय जनता पार्टी फरीदाबाद ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान से मनाया।
🏢 कार्यक्रम स्थल: भाजपा जिला कार्यालय ‘अटल कमल’
यह आयोजन भाजपा जिला कार्यालय ‘अटल कमल’ पर भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, पार्षद, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
🙏 डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि
सभी उपस्थितजनों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान उनके बलिदान और विचारों को याद करते हुए कई वक्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
🗣️ पंकज पूजन रामपाल का संबोधन
अपने संबोधन में पंकज पूजन रामपाल ने कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाना, डॉ. मुखर्जी के सपने का साकार होना है। यह उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है।”
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। हमें उनके जीवन से सीख लेकर राष्ट्रहित में कार्य करते रहना चाहिए।
👥 प्रमुख उपस्थितजन
इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख भाजपा नेता और पदाधिकारी:
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फरीदाबाद महापौर प्रवीण जोशी
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जिला कार्यक्रम सह-संयोजक विक्रम अरुआ
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पूर्व जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा
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निगरानी कमेटी संयोजक ओम प्रकाश रक्षवाल
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पूर्व महामंत्री मूलचंद मित्तल
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जिला महामंत्री सुरेन्द्र जांगड़ा, मनोज वशिष्ठ
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जिला उपाध्यक्ष वजीर सिंह डागर, लक्ष्मण तंवर
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जिला सचिव पंकज सिवाल
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पार्षद मुकेश अग्रवाल, लाल मिश्रा, राज बाला सरधाना, गौरव चौहान, शोभित अरोड़ा
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वरिष्ठ कार्यकर्ता: नरेन्द्र जैन, अश्विनी गुलाटी, विमल खंडेलवाल, संदीप बंसल, सीमा भारद्वाज, अरुणिमा सिंह, नीरज मित्तल, सरदार रेशम सिंह, राजेन्द्र तालान, हाकिम चंद, राज कुमार तंवर एडवोकेट सहित कई अन्य
📍 भाजपा के सभी मंडलों में भी हुआ आयोजन
रामपाल ने जानकारी दी कि भाजपा के सभी मंडलों में बूथ स्तर तक बलिदान दिवस मनाया गया, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
🧠 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक प्रेरणास्रोत
डॉ. मुखर्जी स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री थे और जनसंघ के संस्थापक के रूप में उन्होंने राष्ट्रवाद की नींव रखी। कश्मीर के भारत में पूर्ण विलय के लिए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया, जिसे आज भी देश स्मरण करता है।