फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सांसे फाउंडेशन द्वारा भारत कॉलोनी स्थित सैनी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में पौधारोपण कर योग और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर नीम, तुलसी, आमला और जामुन जैसे औषधीय पौधे लगाए गए।
🧘♂️ योग और प्रकृति: आत्मा और वायु का संबंध
सांसे फाउंडेशन के संयोजक जसवंत पवार ने कहा कि:
“योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि यह शुद्ध वायु, अनुशासन और प्रकृति के समीप जीवन जीने की पद्धति है। यदि शुद्ध वातावरण नहीं होगा, तो हम स्वस्थ जीवन और योग का वास्तविक लाभ नहीं उठा सकते। विकास की अंधी दौड़ में हम पेड़ काटते जा रहे हैं, जबकि हमें पौधे लगाने चाहिए।”
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग दिवस पर कम से कम एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करके उसे वृक्ष बनाएं, जिससे हम आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ व पर्यावरणीय संतुलनयुक्त जीवन दे सकें।
🌿 योग: शरीर, मन और पर्यावरण का संतुलन
जसवंत पवार ने बताया कि योग का अर्थ है – जोड़ना। यह न केवल शरीर और मस्तिष्क का जोड़ है, बल्कि मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन भी है। योग के माध्यम से जहां शरीर और मन स्वस्थ होते हैं, वहीं पौधारोपण से वातावरण शुद्ध होता है, जो कि योग के लिए आवश्यक है।
👥 कार्यक्रम में प्रमुख लोग रहे शामिल
इस अवसर पर कई समाजसेवियों और शिक्षकों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
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दीपक शाक्य
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आचार्य आकाश
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योग शिक्षक नेत्रपाल
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समाजसेवी रिंकू सिलानी, जीवन सैनी, शेर सिंह सैनी, द्वारका प्रसाद
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धर्मेंद्र, दिनेश नागर, राजेश, तृप्ति माला, अमर, सुनील सैनी आदि
🫱 ‘करो योग, रहो निरोग – लगाओ पेड़, बचाओ सांस’
इस आयोजन के माध्यम से सांसे फाउंडेशन ने एक नई सोच को बढ़ावा दिया – योग और पर्यावरण को जोड़ने की। पौधारोपण कर यह संदेश दिया गया कि शुद्ध वायु और हरियाली के बिना योग अधूरा है।