फरीदाबाद (बी.आर. मुराद की रिपोर्ट):
फरीदाबाद प्रशासन ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। बुधवार को उपायुक्त विक्रम सिंह ने ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास, सेक्टर-21ए डिस्पोजल, स्मार्ट रोड-बड़खल और एनएचपीसी अंडरपास का दौरा कर स्थल पर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
🛠️ रेलवे अंडरपास में नया ड्रेनेज सिस्टम, ट्रांसफॉर्मर को स्वीकृति
उपायुक्त ने विशेष रूप से ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास का निरीक्षण किया, जहां हर साल बारिश में सबसे ज्यादा जलभराव होता रहा है। इस बार वहां नई ड्रेनेज लाइन डालने की अनुमति मिल गई है, जिससे बरसात का पानी तुरंत निकाला जा सकेगा। साथ ही, ट्रांसफॉर्मर लगाने की स्वीकृति भी रेलवे डीआरएम से मिल चुकी है, जिससे जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
🧹 नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई युद्ध स्तर पर
डीसी ने बताया कि शहर के प्रमुख नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है। जहां-जहां रुकावट की शिकायतें थीं, वहां तत्काल कार्रवाई कर अवरोध हटाए गए हैं। जर्जर नालों की मरम्मत और कम क्षमता वाले क्षेत्रों में क्षमता वृद्धि पर भी काम जारी है।
🚰 जल निकासी के लिए अतिरिक्त पाइपलाइन और पंपिंग सेट
प्रशासन की योजना के तहत जहां भी जल निकासी प्रणाली कमजोर पाई गई, वहां अतिरिक्त पाइपलाइन, पंपिंग सेट और तकनीकी संसाधनों की तैनाती की जा रही है। डीसी का स्पष्ट निर्देश है कि शहर में इस बार जलभराव की स्थिति न पैदा हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें।
👷 अधिकारी करें नियमित दौरे, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक क्षेत्र में नियमित दौरा करें और नालों की सफाई की निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🔧 पंपिंग सेट्स की मरम्मत और बदलाव से होगी व्यवस्था सशक्त
नगर निगम द्वारा सभी डिस्पोजल पॉइंट्स की समीक्षा की जा रही है। जहां-जहां पंपिंग सेट खराब हैं, वहां बदलाव या मरम्मत की जा रही है। इससे बरसात के दौरान पानी की निकासी व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।
🚯 आमजन से अपील – नालों में कचरा न डालें
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नालों में कूड़ा, पॉलीथिन या ठोस कचरा न डालें। उन्होंने कहा, “स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, हर नागरिक का कर्तव्य है।” यदि नालों में कचरा नहीं जाएगा तो जलभराव की समस्या अपने आप कम होगी।
🧑🔧 गुणवत्ता पर विशेष ध्यान, अधूरे कार्य न रहें
डीसी विक्रम सिंह ने सभी विभागीय इंजीनियरों को निर्देश दिए कि वे कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि कोई भी कार्य अधूरा न छोड़ा जाए। संवेदनशील जलभराव स्थलों की पहचान कर वहां विशेष संसाधनों की तैनाती भी की जा रही है।
👥 निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान विवेक बंसल, एमसीएफ एक्सईएन ओमबीर, एफएमडीए, एनएचएआई, एफएससीएल, मंडल रेल प्रबंधक (नई दिल्ली) और रेलवे फरीदाबाद के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।