फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:उपायुक्त यशपाल ने कहा कि जिले में कोविड-19 वैश्विक महामारी संक्रमण की बीमारी से ऐसे बच्चे जिनके मां बाप इस दुनिया से चले गए हैं | उन्हें जिला फरीदाबाद में मुख्यमंत्री स्वयं बाल सेवा योजना का लाभ बच्चों के देने के लिए सरकार गंभीर है | सरकार इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीरता से कार्य कर रही है | उपायुक्त यशपाल ने कहा कि जिस भी अधिकारी या प्रतिनिधि को सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार जो जिम्मेदारी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत दी गई है | वह अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ उसे यथाशीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें | उपायुक्त यशपाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग,बाल संरक्षण इकाई,स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग तथा इस योजना से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों को इस बारे सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार दिशा निर्देश दिए | उपायुक्त यशपाल ने इस योजना से सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार बाल सेवा योजना के तहत यह प्रक्रिया पूरा करने के लिए www.wcdhry.gov.in/ डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू सी डी एच आर वाई डॉट जीओवी डॉट इन पर भी आवेदन कर सकते हैं | उन्होंने कहा कि उपायुक्त यशपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वयं गम्भीर है | उपायुक्त यशपाल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन 2 बच्चों के मात बच्चों के माता पिता के कोविड-19 के संक्रमण से इस दुनिया से चले जाने की कागजी कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी करना सुनिश्चित करें | जिन तीनों बच्चों के माता पिता के कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने की पुष्टि के पूरे कागजात नहीं मिले हैं | उन्हें भी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभ में शामिल करना सुनिश्चित करें और इन बच्चों की जानकारी वैबसाइट पर अपलोड करें | उपायुक्त यशपाल ने कहा कि जिला मे आमजन को इस योजना बारे अधिक से अधिक जानकारी दें | ताकि आमजन सरकार की वैबसाईट या जिला बाल संरक्षण ईकाई के फोन नम्बर-0129-2984044 पर सम्पर्क करके ऐसे बच्चों की जानकारी दे सके | जिला बाल संरक्षण ईकाई की जिला अधिकारी गारिमा सिंह तोमर ने बताया कि उपायुक्त यशपाल के दिशा निर्देशों के अनुसार जिला बाल संरक्षण ईकाई द्वारा ऐसे बच्चों की कागजी कार्रवाई पूरी की जानी है | उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी हिदायतो के अनुसार ऐसे बच्चे जिनके माता पिता कोरोना संक्रमण से इस दुनिया से चले गए हैं | उन्हें मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना के जाएगा | उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण ईकाई द्वारा 2500 रुपये प्रति अनाथ हुए उन बच्चों को दिए जाएगें जो अपने परिवार के साथ रह रहे हैं | ऐसे अनाथ हुए बच्चे जो सीसीआई चाइल्ड केयर सैन्टरों/इंसीट्यूट में रहे हैं उन्हें 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे | इसके आलावा 12000 रुपये सालाना उन बच्चों के पढाई के लिए परिवार वालों को दिए जाएंगे | उन्होंने आगे बताया कि इस कोविड-19 में बीमारी से अनाथ हुई बच्चियों को विवाह के लिए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत51000 रुपये की धनराशि भी दी जाएगी | उन्होंने बताया कि इन बच्चों में से जो बच्चे पढाई करना चाहेंगे उन्हें कस्तूरबा गांधी स्कूलों में दाखिला दिलवाया जाना सुनिश्चित करेंगे | जिला बाल संरक्षण ईकाई अधिकारी गारिमा सिंह ने बताया कि इस योजना के क्रियान्वित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग,चेयर पर्सन बाल विकास,जिला बाल संरक्षण ईकाई बाल सेवा योजना के माध्यम से मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ यथाशीघ्र जिला में लाभान्वित बच्चों को देना सुनिश्चित करेंगी | बैठक में पीएमओ डॉ.रामभक्त,जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिता शर्मा,जिला शिक्षा अधिकारी ऋतु चौधरी,जिला बाल संरक्षण ईकाई की अधिकारी गारिमा सिंह,जिला बाल समिती केचैयर पर्सन श्रीपाल कहराना भी उपस्थित रहे |