फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: साइबर ठगी के मामलों में लगातार तेजी से हो रही घटनाओं के बीच फरीदाबाद साइबर थाना एनआईटी को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फेसबुक पर दोस्त की आईडी से आया मैसेज और 57 हजार की ठगी
डबुआ कॉलोनी निवासी एक युवक ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी कि 13 मई को उसके पास उसके एक दोस्त की फेसबुक आईडी से 95,000 रुपये की तत्काल जरूरत का मैसेज आया। मैसेज में दिए गए एक नंबर पर पीड़ित ने गूगल पे के जरिए 57,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में जब पीड़ित ने अपने दोस्त से इस बारे में पुष्टि की तो सामने आया कि उसने कोई भी मैसेज नहीं भेजा था और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सहायता मांगी थी। इस पर पीड़ित को पता चला कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है।
साइबर थाना एनआईटी ने दर्ज किया मामला
पीड़ित की शिकायत पर फरीदाबाद साइबर थाना एनआईटी में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने साइबर ट्रेसिंग और तकनीकी जांच के बाद इस ठगी में शामिल खाताधारक और खाता मुहैया कराने वाले आरोपी की पहचान की।
दो आरोपी गिरफ्तार, सुनील पहले ही रिमांड पर
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी राहुल चौहान (33 वर्ष) और चिराग दुआ (24 वर्ष), निवासी वाल्मीकि मंदिर, सेक्टर 24B, चंडीगढ़ को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राहुल ने अपना बैंक खाता चिराग को दिया था, जिसे चिराग ने आगे अपने मामा सुनील को दे दिया था।
गौरतलब है कि सुनील को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और वह दो दिन के रिमांड पर है। यह गिरोह ठगी की रकम को विभिन्न खातों में घुमा-फिराकर ठिकाने लगाता था ताकि ट्रेसिंग मुश्किल हो।
आरोपियों की शिक्षा और न्यायिक कार्यवाही
पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल स्नातक है जबकि चिराग केवल 10वीं पास है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से सुनील को जेल भेज दिया गया है जबकि राहुल और चिराग को जमानत मिल गई।
अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां
इस साइबर ठगी मामले में अब तक कुल 5 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस द्वारा अभी भी जांच जारी है और यह आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
साइबर पुलिस की अपील
फरीदाबाद साइबर थाना ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सोशल मीडिया संदेश पर बिना पुष्टि किए धनराशि ट्रांसफर न करें। यदि कोई भी संदेहास्पद गतिविधि सामने आती है तो तुरंत नजदीकी साइबर थाना या पुलिस को सूचना दें।